बारह भाव में मंगल का फल , उपाय एवं टोटके .

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पंचम भाव

शुभ दशा में यह जातक या जातिका अमीर होगे . ये लोगों की मदद भी करेंगे, मगर भाव मालिकाना होगा और ये खुशामदपसंद होंगे. न्यायप्रिय होंगे, मगर न्याय का मानक अपना ही होगा. न 10 खाली हो और 9 में कोई न कोई ग्रह हो, तो कुटुंब और औलाद काफी अमीर होंगे. सूर्य अच्छा हो, तो बड़ा अफसर , जमींदार या किसी कम्पनी का मालिक होगा.

मंदे वक्त की शुरुआत रात में केतु की वस्तुओं से होगी . कुत्ता, जूता, पैर, वाहन, संतान, गाय, नाली. जननेंद्रिय , मलद्वार, कमर, गर्भाशय के स्राव. फर्श आदि से . नजर का खतरा , आग का ख़तरा , नजर से तबाही लड़ाई झगडा , आदि से केतु के बिगड़ने और बुरे वक्त की घंटी होगी . जब मंगल की शक्ति कम हो या वह अशुभ हो रहा हो, तो अपनी धातुगत कमजोरी से संतान बाधा होगी .लाबल्दी भी हो सकती है. राहू 8 या बुध केतु 9,10 में हो, तो जातक मानसिक रूप से अस्वस्थ होगा. उसे रात में नींद नहीं आयेगी . औलाद 8 या 18 महीने या साल में गुजर जायेगी या उस पर बुरा समय होगा . यह 8 , 18 का वार वर्ष में उम्र की जोड़ में बना रहेगा .

उपाय —–

यदि केतु खराब हो रहा है या पुरुषत्व में कमजोरी महसूस हो रही है, सोने चांदी को स्थापित करने और उनका भस्म मिली औषधि का प्रयोग करें. ताम्बे के सोधित सिद्ध भस्म में मदार या अपामार्ग का सत्व घोंट कर प्रयुक्त करें .

संतान के लिए सूर्य की आराधना करें और रात में भैरव जी का दिया जलाएं .

इस जातक जातिका में गर्मी अधिक होती है. यह ब्लड प्रेसर और क्रोध, उत्तेजना को बढाता है. इसके लिए शिव लिंग पर जल चढ़ाना और बेल पात्र का सेवन करना शुभ होगा, अन्यथा कुंडली में राहू खराब हो, तो यह गर्मी, जेल में पहुंचा देती है.

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