‌नारी रोगो की चिकित्सा(शारीरिक)

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें
  • नारी के शारीरिक रोगों की चमत्कारी आयुवेॆदिक और तांत्रिक चिकित्सा हमारे वेवसाइट के तंत्र चिकित्सा एवं चिकित्सा प्रभाग में विस्तृत रूप में उपलब्ध है. यहाँ हम कुछ ऐसे रोग निदान दे रहें हैं, जो आपके लिए समस्या बने हुए हैं,आप चिकित्सा करवा कर भी रोग मुक्त नहीं हो पा रहे ,लज्जा से किसी को कह भी नहीं पा रहे ,पर आपका यह रोग साधारण चीजों और थोड़े से टोटके से हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगा इसकी हम गारन्टी देते हैं .धमाॆलय पर दिया गया किसी भी छेत्र का कोइ भी विवरण पूरी तरह परीक्छित और प्रमीणिक हजारों वषॆ से ‌रिषि मुनियों द्वारा एवं मेरे द्वारा भी परीक्छित हैं .आप प्रयोग करकें देखें और यदि लाभ होता है, तो दूसरों को भी जनहित में बतायें .

1–कमर ददॆ, हड्डी का ददॆ, जोडों का ददॆ — 100ग्राम कली चूना, 250 ग्राम हल्दी की गाँठें, 100 ग्राम अपामागॆ(चिड़चिड़ी) की जड़ की पानी में पिसी लुगदी –2लीटर पानी में एक मिट्टी के बतॆन में डाल कर तुरंत ढक दें .बतॆन धूप में रख दें .पानी ‌सूख जाने पर हल्दी निकाल कर चूना झाड़ कर सुखा कर चूणॆ करके कपड़े में छान लें .3ग्राम सुबह ,3ग्राम शाम 200 ग्राम दूध के साथ लें. 21 दिन में चमत्कारिक लाभ होगा ,पर 45 दिन प्रयोग करना चाहिए .रोग जड़ से नष्ट हो जायेगा .

2–बहुमूत्र, लिकोरिया ,गभॆाशय विकार,– उपयॆुक्त दवा के साथ 6 ग्राम आँवले के वीजों का चूणॆ मिला कर लें 7दिन में रोग दूर होगा पर इसे भी 45 दिन तक लें .

3–कमजोरी ,चक्कर ,रक्त की कमी ,धातुगत कमजोरी — बरगद, गुलर, इनमें से किसी के कच्चे फलों का चूणॆ 10 ग्राम ,एक पाव दूध के साथ सुबह शाम लें .एक चम्मच मधु ,5 चम्मच घी ,आधा ग्राम काली मिचॆ का चूणॆ मिक्सर में ‌100 ग्राम पानी में खूब घोंट कर पीयें . येसभी दवायें खाली पेट ही लीं जाती हैं .केले की सब्जी ,पका केला खानॆ के बाद प्रयुक्त करें .90 दिन या लगातार प्रयोग करें.

4–मासिक की रूकावट ,–20 ग्राम मेथी का चूणॆ,गमॆ पानी के साथ सुबह खाली पेट लें साथ में थोड़ी देर बाद 20ग्रामचिड़चिडे की जड़ को पीस कर 200 ग्राम पानी में धीरे धीरे उबालें,100 ग्राम पानी बच जाये ,तो मसल छान कर चाय की तरह पी जायें .7 दिन कम से कम .अन्य उपचार हमारे चिकित्सा प्रभाग में देखें .

5–अनिद्रा  — धथूरे के पत्तों को पीस कर रात में सोते समय 15 दिन तक तलवों पर भैरव मंत्र21 बार जपते हुए मालिश करें और सो जायें .21 दिन के बाद जरूरत ही ऩहीं रहेगी .

विशेष –ये सभी पुरूषों के लिए भी समान रूप से कारगर हैं.

  1. (आप सलाह या निदान पूछ सकते हैं ,पर पहले वेवसाइट ‌देख लें. जो वहाँ नही होगा ,हम उसी का उत्तर दे पायेंगे ंजो वहाँ है ,उसके लिए आप थोड़ा परिश्रम कीजिए ,हम व्यक्तिगत रूप से सेवा में असमथे हैं जो नहीं है ,वह दूसरों के लिए भी उपलब्ध हो जायेगा ,पर ईमेल प्रयुक्त करे. ‌टेलीफोन नितान्त व्यक्तिगत मामलों के लिए ही प्रयुक्त करे . हमारे यहाँ हर बात गुप्त रखी जाती है ंयह भगवान का घर है,कोई डर नहीं है .गुरु जी की अनतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा है .आप निसंकोच अपनी समस्या पर सलाह ले सकते हैं .)
धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *