आयुर्वेदिक मधुमेह(डायबिटीज) इलाज

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मधुमेह(डायबिटीज) का देशी इलाज

मधुमेह(डायबिटीज) में यदि रोगी को विशेष कमजोरी महसूस नहीं होती, चेहरे का तेज नहीं  घटता , कमजोरी होती है परन्तु ऐसी नहीं जिसमें चेतना शून्यता उत्पन्न हो। ऐसे रोगी को बहुत प्यास लगती है, भूख भी ज्यादा लगती है, पेशाब में चीनी , यूरिया आदि होते है और रक्त में चीनी की मात्रा बढ़ जाती है। सामान्यतया देखा जाता है कि यह बिमारी 40 वर्ष के उपर स्त्री/पुरुष को होती है। इसमें रक्त और पेशाब में चीनी तो होती है , बहुमूत्र भी होता है । परन्तु खान पान में परहेज और दवाओं के द्वारा यह बिमारी ठीक हो जाती है।इसमें भी दो स्थिति होती है। कभी-कभी कुछ दिनों तक हमारी दवा खाने से रोगी पूर्णतः निरोग हो जाता है और बाद में दवा खाने की आवश्यकता नहीं होती। परन्तु कुछ में रोगी को अधिक दिनों तक दवा खानी होती है और बाद में प्रति हफ्ते भस्म की एक खुराक खानी होती है, यह भी ठीक हो जाता है।परन्तु इसमें कभी कभी  दो-तिन वर्ष का समय लगता है।

दूसरे प्रकार का मधुमेह(डायबिटीज) घातक होता है।  यह किसी भी उम्र में हो सकता है। इसको पहचानने का सामान्य लक्षण यह कि रोगी का शरीर दुर्बल होने लगता है , चेहरे से तेज समाप्त हो जाता है, आँखों के आगे धुंधलापन, चक्कर, शरीर में गर्मी और जलन , बहुत ज्यादा भूख , कब्ज , बहुत प्यास और बहुत अधिक मात्रा में मूत्र का होना। यह रोग जब उत्पन्न होता है तो बहुत तेजी से बढ़ता है । 24 घंटे में पेशाब की मात्रा 5 किलो से लेकर 25 किलो तक हो जाती है। मुंह सूखता है और मुंह में खट्टा स्वाद होता है। मूत्र नली में जलन होती है और मूत्र पर मक्खी , चींटी बहुत जल्दी आकर्षित होती है। खुजली , खाज, दाने , भुन्सी, मसूड़ों से खून , बाल का झड़ना , हाथ पैरों में जलन , कमर में दर्द , रक्त  का कहीं कट जाने पर स्त्राव  बंद न होना, घाव जल्दी ठीक न होना , आँखों की बीमारियाँ , शरीर का टेम्परेचर घटना, कभी दस्त –कभी कब्ज इसके लक्षण है। यह बीमारी बहुत कठिनता से दूर होती है और पथ्य परहेज पर रहना होता है। रोग बढ़ जाने पर रोगी कोमा में चला जाता है। यह खतरनाक स्थिति है।इस अवस्था में उसके मृत्यु की संभावना अधिक होती है। कोमा में जाने से पहले भूख मिट जाती है, मूत्र में चीनी नहीं होता। मूत्र की मात्रा भी घट जाती है और भयानक कब्ज होता है।

 

यह रोग निम्नलिखित कारणों से पैदा होता है –

  1. वंशानुगत
  2. परिश्रम न करना
  3. लीवर , सिर और रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण
  4. अधिक मात्रा में मीठा खाने के कारण
  5. कोई गंभीर बिमारी हो जाने के बाद उसके ठीक होने पर

मधुमेह किसी भी प्रकार का हो इसके रोगी को परहेज पर रहना चाहिए । चावल, आलू, मिठाई , शर्बत, आदि वह सभी चीज जिससे चीनी बनती है खाना मना है। चीनी भी पूरी तरह वर्जित करना होता है।इस रोग में जौ , चना , मूंग , मांस, अंडा , मट्ठा, दही , थोड़ी मात्रा में दूध, पनीर , टोस्ट , ताज़ी साग-सब्जी और वे फल जो मीठे नहीं होते, निम्बू का रस पथ्य होता है।रोग की स्थिति को देखते हुए शारीरिक परिश्रम या व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम तभी करे जब शरीर में ताकत हो। सामान्य तौर पर जौ , जामुन, गौमूत्र , बेल की छाल , जामुन की छाल , जामुन की गुठली, गुडमार यह सब आयुर्वेद की दवाएं है। जौ तो खाया जा सकता है , बाकी शेष दवाओं का चूर्ण 6 ग्राम सुबह-शाम (कोई एक), सभी मिलाना हो , तो सभी का वजन 6 ग्राम सुबह-शाम शहद के साथ ले और परहेज रखें।

 

हमारी चिकित्सा  

हम जिस प्रोसेस से तांत्रिक औषधियां बनाते है वह विशेष प्रकार की विधि से , कुछ विशेष वस्तुओं से (वनस्पति) तैयार की जाती है। सामान्यतया लोग उनके बारे में नहीं जानते और हमे भी कभी नहीं मालूम था कि इनके मिश्रण से मधुमेह की दवा तैयार हो सकती है । जो सटीक हो , कम खाना पड़े और चमत्कारिक रूप से लाभ करें , परन्तु हमारी चिकित्सा में रोगी को अपने पूरे कष्ट के बारे में लिखना होता है। क्योंकि मधुमेह के दो रूपों में 4-4 करके 8 स्टेज होते है। हम स्टेज के हिसाब से दवा भेजते है और उसी के हिसाब से बताते है कि आपका रोग कितने सामान्य होगा या आपको लगातार प्रति हफ्ते दवा खानी होगी।

 

मधुमेह(डायबिटीज) की निःशुल्क चिकित्सा –

जामुन की गुठली की गिरी, आम की गुठली की गिरी, करेले का बीज, बेल की छाल, विजय सार की छाल, देवदाली का फल, गुडमार , गिलोय, चिरायता – इन सबको सुखाकर चूर्ण करके कपडे से छान लें। इस चूर्ण को प्रातः सायं 10  ग्राम (5 ग्राम  से शुरू करें) शहद 10 ग्राम के साथ लेकर गर्म पानी पीयें। शहद नहीं लेने पर , केवल गर्म पानी पीये। (कोर्स 60 दिन)

सशुल्क –   हमारे यहाँ से श्री गणेश हरिद्रा चूर्ण – 3 और महाबला अर्क – 7 का प्रातः सायं 1 ग्राम, 10 बूँद – गर्म पानी के साथ सेवन करें। दोनों के खाने में एक घंटे का अंतर रखें। (कोर्स 45 दिन)

दोनों दवा का फुल कोर्स –

विशेष – राशि जमा करवाने के बाद 7 दिन में दवा भेजी जाती है ।

मधुमेह, डायबिटीज की आयुर्वेदिक दवा और इलाज के लिए, संपर्क करें

Email- [email protected]

Phone – 8090147878

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