मूर्खों को ज्ञान नहीं होता

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

मूर्खों को ज्ञान नहीं होता. सनातन धर्म पृथ्वी से सम्बंधित धर्म नहीं है. यह परमात्मा से उत्पन्न नियमो का विज्ञान है. और इसके बिना इस ब्रह्माण्ड का कोई कण क्रिया शील नहीं होता, न ही उत्पन्न होता है. यह आचरण संहिता नहीं है. और पुरानो में इस सत्य को कथाओं के द्वारा समझाया गया है. अब अन्थास्थावादी मूर्ख उन कथाओ को पकड़ कर बैठ जाता है. और किसी संस्कृति की आचरण संहिता को सनातन धर्म समझने लगता है. तो यह उसकी मूर्खता है. इसमें प्राचीन ऋषियों का क्या दोष है. अब कोई पृथ्वी को गृह समझने लगे, योगासन को योग समझने लगे, कैलाश को हिमालय पर्वत की छोटी समझने लगे और पाताल को पृथ्वी के अन्दर ढूँढने लगे तो इसमें बेचारे गुरुओं का क्या दोष है.

सनातन धर्म ब्रह्माण्ड का धर्म है. और इसकी समस्त व्याख्याएं ब्रह्माण्ड से सम्बंधित हैं. एक चैप्टर पढ़ कर अति विद्वान ही प्रश्न पूछने लगते हैं. धर्मालय का ज्ञान क्षेत्र देखिये. ( http://dharmalay.com/category/kb/ ) और अन्य विवरण भी आपको सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जायेंगे.

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *