माला का सूत्र

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माला का सूत्र भी ऊर्जात्मक समानता पर आधारित है | किसी शक्ति का मंत्र जाप कर रहे हैं, तो उस शक्ति की प्रिय वस्तु की माला बनायें | विष्णु को तुलसी पसंद हैं, तो उनके मंत्र हेतु तुलसी की माला बनेगी |

परन्तु इसका यह अर्थ नहीं है कि हम केवल ‘तुलसी’ को पकड़कर बैठ जायें | जब हमें ‘विष्णुजी’ के पराक्रम से भरे भाव की सिद्धि करनी होगी, तो हमें विष्णुजी के उस भाव को पसंद आने वाली वस्तु की माला रुद्राक्ष की बनानी होगी | ‘तुलसी’ का प्रयोग ‘वैराग्य’ भाव के लिए होता है | इस अंतर को हमें ध्यान में रखना होगा |

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