मंगल और विवाह : स्त्री पुरूष के उपाय और टोटके .

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मंगल अशुभ हो या शुभ में भी १, ४ , ७ , ८ ,१२ में हो, तो पुरूष को निम्नलिखित उपाय करना चाहिए—-

१ . शिव का ध्यान लगाएं . चाँद पर गंगा गिर रही है और वह शिव से निकल कर शीतल करती पैरों से बह रही है , इस कल्पना से ध्यान लगाएं यदि मंगल तेज हो.

२ . प्रात:काल उठें . फ्रेश हो कर शिवलिंग पर बेलपत्र के साथ जल चढ़ाएं . उस बेल पात्र और जल का सेवन करें .

३. घृतकुमारी का गूदा 20 ग्राम चीनी के साथ प्रतिदिन सेवन करें . प्राणायाम करें . ठन्डे जल से स्नान करें.

४. इस जातक को शराब पीना बुरी तरह बर्बाद कर देगा. झूठ, गवाही, जमानत, से बचना चाहिए .

५. ऐसा जातक बहुत कामुक होता है. बुध और शनि का योग बुरा हो, तो पत्नी को प्रताड़ित करनेवाला पराई स्त्रियों का भंवरा होता है और वह स्त्री ही उसे बर्बाद करती है.

६. मंगल कम हो यानी उसका तेज कम हो. तो यह देखें की क्यों कम है? उपाय क्यों का करें. क्योकि अनेक बार वह शुभ स्थान पर होते हुए भी उचित फल न दे कर बुरा प्रभाव देने लगता है.

७. उपर्युक्त खानों का मंगल यदि कमजोड हो रहा हो, तो उसे सूरज की ताकत दें. ऐसे जातक का मन बुझ, खींज भरा होता है. सेक्स में उत्तेजना की कमी होती है.इनको माणिक पहनना और मदार के पौधों की शरण लेना चाहिए. इसका हवन और 100 पत्तों को रक किलो घी में जला कर छान कर उसकी ५ ग्राम मात्रा सुबह शाम सेवन करना चाहिए.

८ . बेसन के लड्डू , घी चीनी का मिक्सचर , गुड और तेज पत्ते का चूर्ण प्रयोग में लाना चाहिए .

९ . इस जातक को ताम्बे के भस्म से बनी दावा या सोने के भस्म से बनी दावा खानी चाहिए . लोहे से बना अपामार्ग अर्क भी काम करता है. ऐसा जातक मोटा होता है, तो शरीर में ताकत नहीं होती; दुबला होता है, तो रक्त की कमी और लो ब्लाद्प्रेसर होता है.

स्त्री जातक में उपर्युक्त योग का उपाय ——-

१ . श्री कृष्ण जैसे किसी दिव्य इष्ट से मानसिक भाव विकसित करें अन्यथा तेज मंगल आपके जीवन को जला देगा. ज्योतिष की बातें थोड़ी कडवी होती हैं, पर इन खानों का मंगल लड़कियों को उग्र ही नहीं बनाता , सेक्स के अनियंत्रित भाव में भ्रष्ट भी कर देता है. उसे पता ही नहीं चलता की उसका दबंग व्यक्तित्व कब किसी दुष्ट का गुलाम बन गया . बुध, शनि, शुक्र, चन्द्रमा अशुभ होने पर बहुत दुर्गति होती है. सामान्य रूप से ज्योतिषी कहता है कि साथी की मृत्यु होती है; मगर क्यों और कैसे भी बहुत से दुखद रहस्य छुपाये होता है.

ऊपर दिए सभी उपाय स्त्रियों के लिए भी हैं. उसे बिना कुंडली दिखाए मासिक से भी पता लग जाता है, क्योंकि उसका सम्बन्ध शुक्र और मंगल से ही होता है.मंगल तेज में रक्त की लाली होती है. रक्त प्रवाह तेज होता है, जबकि कम में सफ़ेद, काला, नीला, की आभा होती है. यह अन्य ग्रहों के योग से उसके रंग की आभा में होता है. मासिक का रक्त भी वैसा ही होता है. इन्रंगों या छिछादे रूप में मासिक हो, अधिक और गर्म हो, तो ग्रह उपाय के साथ औषधियों का सेवन करें वरना संतान बाधा निश्चित है.

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