भैरवी में देवी का आवाहन

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यह कल्पना करते हुए कि समक्ष बैठी –भैरवी देवी का ही प्रकट रूप है। वह देवी ही है। उसको फूलों से प्रेक्षित (फेंकना)करते हुए देवी मंत्र का जाप करते हुए मानसिक स्तर पर उसमें देवी को अनुभूत करना चाहिए। इस मार्ग में सबसे पहली देवी कामकला कालिका को माना जाता है। इन्ही का स्वरुप कामख्या है और यह मूलाधार की  शक्ति है।

प्रत्येक मार्ग में पहले मूलाधार को ही साधित किया जाता है।

कामकला कालिका मंत्र

ॐ क्षों क्षों क्षों क्षों परमतत्व कामिनी भगवती काम कला कालिके स्फ्रें स्फ्रें स्फ्रें स्फ्रें स्फ्रें समा वेशानी नमः

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