भगमालिनी सिद्धि की गुप्त तांत्रिक विधियाँ

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भगमालिनी श्रीविद्या के ललितामागे सहित कई मागोे मे नित्या के रूप में प्रतिष्ठित है .यह योनि नित्या है,  प्राचीन भैरवी चक्र (उध्वेनाम्नाय शैवमागे) की योनि शक्ति है .इसे आद्याशक्ति का एक रूप माना गया है .कहीं कहीं इसे ही आद्या कहा गया है .एक ही बात है, जो नामों से ही स्पष्ट है.

मंत्र –ऐं भग भुगे ऐं भगिनि ऐं भगोदरी ऐं भग क्लिन्ने ऐं भगावहे ऐं भग गुह्ये ऐं भग योने ऐं भगनिपातिनि ऐं भग सवेवदि ऐं भग वशंकरी ऐं भगरूपे ऐं भग नित्ये ऐं भग क्लिन्ने ऐं भगस्वरूपे सवेभगानि. में ह्यानय ऐं भगक्लिन्ने द्रवे भगं क्लेदय भगं द्रावय भगामोघे भगविच्चे भगं च्छोभय सवेसत्वान भगेश्वरी ऐं भग ब्लूं ऐं भग जं ऐं भग मे  ऐं भग व्लूं ऐं भग मो भग क्लिन्ने सवाेनि भगानि में ऐं भग व्लूं ऐं भग हें भग क्लिन्ने सवाेनि भगानि में वशमानये भग ऐं भग ब्लूं ऐं भग हें ऐं भग ब्लूं ऐं भग हें ऐं द्रां द्रीं क्लीं ब्लूं सः भग हर ब्लें भगमालिन्यै .

यह २२४ अक्छर का मंत्र है .१३५ और १५२ अक्छर के मंत्र भी हैं .

तंत्र बीज मंत्र–ह्रीं क्लीं क्लीं भगेश्वरी क्लीं क्लीं ह्रीं फट् स्वाहा .

साधना लाभ — अक्सर स्त्री पुरूष इसे वशीकरण शक्ति पाने के लिये सिद्ध करते हैं, पर यह आद्या है .इसके सिद्ध होने से काम शक्ति ,तेज, दृष्टिशक्ति ,बढंती है .दूसरी अनेक शक्तियों की प्राप्ति के अतिरिक्त आयुवृद्धि भी होती है .

समय–तंत्र में ९से १ रात में .सात्विक साधना दिन मे प्रातःकाल .पर यह सात्विक देवी नहीं है.दिन में संशोधित संस्करण की साधना होती है .

रूपध्यान –खूनी लालरंग की जगमगाती हुई सवाेंग सुन्दरी देवी ,जो लाल रंग के वस्त्र और सोने के राजसी वस्त्रों से सुसज्जित कमल के फूल पर विद्यमान है . इसके तीन नेत्र हैं . छै भुजायें है .दायें नीचे से उपर पुष्पवाण, अंकुश,कमल है .बाँये कुल्हर ,पाश और  सोने का धनुष .

गुप्त गुरू निदेेश — यह योनि शक्ति है.इसका यंत्र भी योनि यंत्र ही है . अतः इस देवी को योनि मध्य स्थित ही कल्पितकरें .

भाग २ देखें

 

 

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