भगमालिनी साधना विधि( क्रमांक २)

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वस्त्र– लाल, आसन– लाल कम्बल या रेशम, माला  — रुद्राक्छ प्रशस्त है .

न्यास. — ह्री श्रीं के साथ ऐं से हृदय, फिर अगले मंत्र शब्दों से षडंग न्यास करना चाहिये .कर न्यास में भी अंगूठे से यही क्रम होगा .

यंत्र– दो ऱेखाओं वाला या मोटा चतुरस्त्र.इसमें पंचदल कमल .कमल के वृत के अन्दर दो भुजाओंवाला डबल त्रिकोण .,फिर वृत, फिर अष्ट त्रिकोण या पराग भूमि, फिर एक वृत .वृत के अन्दर त्रिकोण.फिर विन्दु

.यंत्र पूजन– मदना, मोहिनी,लोला, जम्भिनी,उद्यमा, शुभा, ह्लादिनी, द्वारिणी, प्रीति, रति ,रक्ता, मनोरमा, सवोेन्मादा, सवेसुखा, अनंगा ,अभितोद्यमा,अन्ल्पा,व्यक्ता, विभवा और च्छोभा — यंत्र को इनके साथ भगमालिनी की  पूजा करके ,प्रत्येक मंत्र अक्छर की संख्या मे सम्पूणे मंत्र को जपना चाहिए .

विनियोग –स्नान करके यंत्र स्थापित कें और धूप दीप दिखा कर तीन मंत्र से पूजा करके ,आसन,व्स्त्र ,दिशा ,स्थान आदि का मंत्र जल से प्रोक्छण करें .उत्तरामुखी बैठा जाता है .

भाव ले ध्यान लगा कर मंत्र जप करें .इसकी संख्या १०००० है .इसके बाद प्रकटीकरण होता है, यदि भाव सच्चा है .मंत्र प्रयोग करके वशीकरण आदि करने के लिये प्रति दिन ५२ मंत्र ध्यान से जपना पयाेप्त है.२१ दिन बाद ही वशीकरण की शक्ति आ जाती है ,पर परिप्क्वता मंत्र अक्छर की संख्या में मंत्र जपने के बाद आती है .

प्रयोग विधि– किसी स्त्री पर पुरुष, पुऱुष पर स्त्री तीन मंत्र पढ कर जल फेक दे या मंत्र पढ़ा कुछ खिला दे ,तो इन्द्राणी या इन्द्र भी हो तो वशीभूत हो जाय.

नोट — यह तांत्रिक साधना विधि है ,जो गुप्त है .यह सवेसुलभ सप्तावरण पूजा प्द्धति नहीं है .मेरे अनुसार वह इस युग में निरथेक है .मंत्र जप और ध्यानरूप पर ही ध्यान देना चाहिये .

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2 Comments on “भगमालिनी साधना विधि( क्रमांक २)”

    1. पूरी विधि दी हुई है .पहले मागेदशेन चाहते थे .अब जब पूरा विवरण दे दिया है ,तो करवा दूँ .समय की कीमत होती है . आन लाईन प्रारम्भ से समझाने का मतलब है ,हेडेक .आन लाइन के लिये ११०००रू एडवांस जमा कराने होंगे .यह छै महीने की फीस है .साथ या संगत स्म्भव नही. कृपया अब यह बहस मत छेडंियेगा कि पैसे माँग रहे है ं सबके समय की कीमत होती है .मुझे तो पूजा का फूल भी मुफ्त नहीं मिलता .

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