बुध के अशुभ होने के उपचार एवम टोटके

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

बुध(Mercury) के अशुभ होने के उपचार एवम टोटके

प्रथम भाव –  1. मांसाहारी न बनें। अंडे(Egg) भी न खाए।

  1. मछली(Fish) न पकडें।

द्वितीय भाव – 1. फिटकरी से दांत साफ़ करें।

  1. तोता(Parrot) , भेड़-बकरी न पालें।
  2. दूध(Milk) और चावल मन्दिर में चढायें।

तृतीय भाव – 1. दुर्गा पूजा करें, कन्याओं का आशीर्वाद प्राप्त करें।

  1. रात को पानी में मूंग भिगोयें। सुबह भीगे हुए मूंग कबूतरों को खिला दें।
  2. दमे की दवाईयां(Medicine) सेंत में बांटे।

चतुर्थ भाव – तोता भेड़-बकरी न पालें।

  1. सूर्य के लिए बताये गये उपचार करें।
  2. गुरु के लिए निर्दिष्ट उपचार करें।
  3. घर में हरा रंग न रखें। पेड़-पौधे तक भी न रखें।

पंचम भाग – 1. कमर में बेल्ट बांधें।

  1. बाएँ हाथ में चाँदी का चालला पहनें।

षष्ठ भाव – अपने घर से उत्तर दिशा में बहन – बेटी का विवाह न करें।

  1. दूध से भरा हुआ मिट्टी का बर्तन निर्जन स्थान पर जमीन के नीचे दबा दें।
  2. शीशे की बोतल में गंगा – जल भर कर शीशे के गिलास से ही ढकें और खेत में जमीन के नीचे दबा दें।

सप्तम भाव – बेटी के साथ माँ जैसा बर्ताव करें।

  1. हीरे या पन्ने की अंगूठी पहनें।

अष्टम भाव – 1. बेटी को चाँदी की नाथ पहनाएं।

  1. काली निकर पहनें।
  2. घर की छत पर वर्षा का जल रखें।
  3. घर में पूजा का स्थान न बदलें।

नवम भाव – चाँदी पहनें।

  1. नयें कपड़ों को नदी जल में धोने के बाद पहनें।
  2. घर में या अपने लिए हरे रंग का प्रयोग बिल्कुल न करें।

दशम भाव – 1. घर में तुलसी और मनी प्लांट न लगायें।

2.मदिरा, मांस, मछली, अंडा आदि का सेवन न करें।

  1. शनि के लिए निर्दिष्ट उपचार करें।

एकादश भाव – खाली बर्तनों को ढकें नहीं।

  1. चौड़े पत्तों वालें पेड़ घर में न लगायें।

द्वादश भाव – मिट्टी का कोरा घड़ा ढक्कन सहित बहते पानी में डाल दें।

  1. घर में कुत्ता पालें, किन्तु भूरे रंग का न हो।
  2. दुर्गा पूजा करें। कन्याओं का आशीर्वाद लें।
  3. अपने वचन का सदा पालन करें।

सामान्य उपचार , सब भावों के लिए

  1. बुधवार का उपवास रखें।
  2. हरी वस्तुएं , दान में दें या बहते पानी में डाल दें।
  3. छेद वाला तांबे का सिक्का बहते पानी में डालें।
  4. बकरी या तोता पालें। उनकी सेवा करें।
  5. कमर में बेल्ट बाधें।
  6. हरे रंग के कपडें और चूड़ियाँ हिजड़ों को दें।
  7. बुध नीच राशिगत हो तो बुध की वस्तुएं दान में दें। बुध उच्च का हो तो न दें।
  8. बहन , बेटी, बुआ , मौसी , साली का आशीर्वाद प्राप्त करें।

कुंडली की सेवा के लिए यहाँ क्लिक करें.

बुध के फल उपाय एवं टोटके

यह कुंडली का सबसे खतरनाक ग्रह है । यह बुद्धि , प्रवृत्ति , आकृति , वाणी , प्रेम , स्त्री सम्बन्ध , कामशक्ति , क्रियाशील सबको प्रभावित करता है यानी सब इसी पर निर्भर करता है। इसकी प्रवृति खाना न. 9 से उत्पन्न होती है। यह बृहस्पति का खाना , जातक, की पुश्तैनी  जड़ है । उसकी सारी बुद्धि, प्रवृति , जिन्दगी इसी पर निर्भर करता है । एक दूसरी शक्ति खाना 4 की होती है ।यानी माता चन्द्रमा । इसलिए इसे बृहस्पति और चन्द्रमा का पुत्र कहा  जाता है ।

सामान्य रूप से समझे, तो यह चन्द्रमा हमारा चाँद है । यह माता की गर्भशक्ति और ऊर्जा शक्ति के अनुसार होता है । बुध शरीर की आकृति और प्रवृति है , जो पिता की ऊर्जा शक्ति  के  इसमें मिलने से एक नया रूप पकड़ लेता है , पर होता खानदानी नस्ल से ही सम्बंधित । विज्ञान में इसे जेनेटिक सवहन कहते है । धरती का प्रभाव होता है , पर पेड़ फल की प्रवृति तो पितृ बीज का ही होता है ।

यद्यपि आधुनिक युग इसे भेदभाव पूर्ण विश्लेषण मानता है । वह समानता के एक अवैज्ञानिक सिद्धांत को पकडे जोर- जोर से चिल्ला रहा है , पर प्रकृति का शाश्वत नियम सर्वत्र यह प्रकट कर रहा है कि जो बीज होगा, वही पेड़ और फल होगा ।  जैसी धरती होगी , वैसी ही फसल होगी । आप मूल प्रवृति में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते ।

बुध मातृकुल और पितृकुल का जेनेटिक उत्पादन है । सर्वत्र इनके अनुसार ही व्यक्तित्त्व गुण फलता फूलता है । पर जाति के आधार पर इसका फैसला गलत है। यह ऊर्जा समीकरणों के आधार पर  होता है । यह जन्म कुंडलियों में सनातन धर्म के वैज्ञानिक सूत्र वर्ण व्यवस्था के रूप में होता है  और हर जाति में वर्ण का निष्कर्ष आता है । दूसरी प्रवृति मूलक गणना का निष्कर्ष यानी ‘योनि’ के रूप में होता है । ज्योतिष विद्या के महान ज्ञाता भी  भी फलों में इसका उपयोग नहीं करते , जबकि ये समस्त फल की भौतिक प्रवृति ही बदल रहे है। पीला तो पीला ही कहा जाता है , पर जब वह नीचे आसमानी कैनवास पर हो , तो हरा हो जाता है । यह कॉम्बिनेशन ओफ़्सेट प्रिंटिंग के किसी विशेषज्ञ से जाना जा सकता है ।

बुध अशुभ घरो में हो , अशुभ ग्रहों के प्रभाव में हो , तो जीवन के हर क्षेत्र को  बिगाड़ देता है । ज्योतिष में इसे पापी कहा जाता है , पर यह स्वयं कभी पापी नहीं होता, अन्य प्रभावों से पापी होता है ।

पितृ दोष या पितृ ऋण का मुख्य कारक भी यही है। इस कारण कि यह उसी के बीज का फल है । चिकित्सा विज्ञान में भी  यह खानदानी दोष उत्पन्न करता है

प्रथम भाव बुध के फल उपाय एवं टोटके

यह सूरज कका घर है । राजा का घर । इसका जातक सुन्दर तेजवान और बुद्धिमान होता है । अक्सर यह राज्याधिकारी होता है । दूसरे पेशे में भी कुंडली योग से हो सकता है , पर  हुकुमत और रोब के साथ बुद्धिमान । इसके स्वभाव में ही होती है । जिस घर में सूरज हो . उन  विषयों की समृद्धि होती है । यह अक्सर धार्मिक नहीं होता। जरूरी नहीं कि विरोधी ही हो , पर धर्म से विशेष रुचि नहीं होती। राहु- केतु भी अधिक शरारत नहीं करते । खाना 7 में शुक्र या शनि हो , तो साढ़ की तरह या भैंसे की तरह साहसी होता है ।

स्त्री उच्च घर की होती है । स्त्री की कुंडली में पति उच्च कुल का होता है । खाना – 7 के अनुसार पत्नी या पति मिलती है । जब खाना – 7 खाली हो  या यहाँ बुध के शत्रु हो , तो शरीर, गृहस्थी , स्त्री, संचित धन बाधित होता है। इस योग की स्त्री सुन्दर , दबंग और अधिकार स्म्पब्ब होती है।  पर उसकी जवानी में उसको बदनामी मिलती है। चरित्र कैसा  भी हो । इस बुध पर मंगल का असर होता  है । मंगल ख़राब हो , तो यह क्रोध , उत्तेजना , ईर्ष्या और वाणी की कटुता एवं क्रूरता से गृहस्थी और काम –जीवन आदि को बर्बाद कर लेता  है। स्वभाव से शरारती होता है। बृहस्पति उत्तम न हो , तो बदनाम होता है। मंगल 12 शुभ होता है । अंडा खाना सेहत के लिए अच्छा न होगा , पर 34 के बाद धन के लिए अच्छा हो जायेगा । शराब पीना अशुभ होगा । पर देश में रहनेवाला लालची खुदगर्ज होगा । घुमने के धंधे में फायदा न होगा । चन्द्रमा – 7  में हो , तो नशे बाज होगा ।

खाना के अनुसार मंगल , चन्द्रमा , शनि, सूर्य आदि का उपाय करें । इसपर सभी ग्रहों पर प्रभाव डालने की शक्ति होती है । देवता – विष्णु , दुर्गा ; रत्न माणिक्य , पन्ना धातु ताम्बा चांदी । पितृ ऋण में  बताया हवन करें ।

दूसरे भाव बुध के फल उपाय एवं टोटके

यह बृहस्पति का नियंत्रण खाना है । जन्म से ही पैत्रिक विरासत में बुद्धिमान होगा । खुदगर्ज होगा, पर निर्मम न होगा । दुष्टों का विरोधी , दुश्मनों पर भारी । पिता को सम्मान देगा, पर पिता से शायद ही कुछ धन आदि प्राप्त हो । जुबान ,  कलम और मस्तिष्क से बरकत होगी । अकेला  बुध हो , तो योगी स्वभाव अपने दायरे को तोड़ने वाला होगा । 6, 8 खाली हो , तो मस्तिष्क सदा सबल रहेगा । चंद्रमा 12, 8 हो तो पिता का सहयोग रहेगा और वह  मार्ग दर्शक होगा । राहु 8 तकदीर अच्छी होगा । केतु – 8 अच्छा वक्ता होगा । सूर्य  8 हो तो दस्ती काम करने वाला धनी पर पैसे का लालची होगा । 6 में शनि हो , तो खुद का इक़बाल मंद होगा ।

6,8, 9 12 में बैठे दुश्मन से या पापियों से बर्बाद बुध राख होगा । सन्तान , प्रगति काम सब बार बार बर्बाद होगा । अप्रत्याशित रूकावटे आएँगी। बुध के साथ शुक्र के शत्रु हो , तो प्रेम स्त्री , स्त्री सुख , गृहस्थी बाधित होगा । सूर्य 8 के समय बहन, बुआ , लड़की , शरीर , प्रेम , यौनांग , पैर आदि पर बुरा प्रभाव पड़ेगा ।  बुध 12, 9 8, 3 में हो , तो साली को साथ रखना अशुभ होगा । शनि – सूर्य का प्रभाव हो तो बुध का कोई विश्वास न होगा कि वह अच्छा करेगा या बुरा ।

देवता शिव गणेश , रत्न मोती , पुखराज , धातु चांदी सोना , ।

तीसरे भाव बुध फल उपाय एवं टोटके

इस बुध को मनहूस और आलसी माना जाता है । खाना 1 में  मंगल होने पर यह उत्तम प्रभाव देता है । मंद होने पर प्रगति  और सन्तान बाधा होती है । सूरज 11 हो , तो ये भी उत्तम होते है । जबान में तुतलाहट हो , तो बुध का फल मंद नहीं होगा । न 3 का बुध मंगल पर निर्भर करता है , क्योंकि यह मंगल का खाना है । मंगल ख़राब हो , तो दर-दर  की ठोकरे खायेगा  और मानसिक शारीरिक यन्त्रणा में रहेगा । धन रिजक की शर्त नहीं है , पर इसमें भी खामियां आयेंगी ।  फर्जी कल्पनाएँ और चक्कर होंगे । खाना – 9 यानी पुश्तैनी रिश्ते उजड़े हुए या कटे हुए होंगे । खाना – 11 भी मंद होगा । 3, 4, 5 में बैठे ग्रह के  विषय भी । जब तक ३२ कायम नहीं हो जाता । 34 तक हालात मंदे रहेंगे । 42 तक शरारत करेगा । इसके बाद सुधार होगा । राहु केतु उत्तम हो , मंगल सूरज उत्तम हो , तो बुरा असर नहीं होगा । अतः उपाय के लिए इन्हें ही सुधारना चाहिए । इस बुध का बुरा असर दूसरों पर ही अधिक होता है । जातक पर नहीं । जातक का प्रेम , स्त्री सुख और गृहस्थी के दुःख होते है ।

दक्षिण का दरवाजा बहुत बुरा होगा । कोई पत्थर यदि बुध – 3 के घर में हो , तो उसको दोध से धोते जाए । प्रत्येक बुध  को फिटकरी से दांत साफ़ करें । बकरी का दान करें । मूंग रत में भिंगो कर सुबह जानवरों विशेष कर गाय – बकरी को डालें । कुत्ता पालें । देवता लाल हनुमान , रत्न मूंगा , धातु ताम्बा ,सूर्य को अर्ध्य दें ।

चौथे भाव बुध के फल एवं उपाय टोटके

2, 5, 9, 12 में शुक्र , राहु या शनि हो , तो पितृ ऋण होगा । चंद्रमा ६ में हो या ख़राब मंदा हो , तो मानसिक अवसाद का शिकार होगा । केतु मंदा हो , तो सफ़र और सलाहकार से हानि । राहु मंदा हो , तो परिवार में नर सदस्यों की कमी होगी ।

यह चंद्रमा का खाना है। चंद्रमा पर ही सारा फल निर्भर करेगा । यह उत्तम  हो , तो धन – दौलत से हर ख्याति सब होगा । उत्तम ग्रहों के योग और चंद्रमा की उत्तम स्थिति हो ,तो हर एक स्त्री पुरुष का आदर करने वाला भावुक प्रेमी होगा । बृहस्पति 9 में हो , चंद्रमा 3 में  हो तो प्रेम में  गहरा होगा । धन दौलत – उम्र सभी अच्छे होंगे । ६ में हो , तो सब होते हुए अत्यधिक भावना से हर क्षेत्र में अवसाद होगा । जैसर अधिक पानी से पौधा पिला पड़ जाता है । केतु भी भींगे कुत्ते जैसा होगा । यानी औलाद और प्रगति । 2 का चंद्रमा राजा जैसा जीवन देगा ।

पितृ ऋण का उपाय बृहस्पति में देखें । 4 के बुध की गड़बड़ी इसपर पड़ने वाले प्रभावी ग्रहों के अनुसार देखें । भावुकता को सृजनात्मक काम  में  लगाये। रत्न सुरजा मंगल , तम्बा –माणिक्य – मूंगा ।ऐसे जातक का प्रेम , स्त्री सुख , धातु और कामशक्ति दुखदायी होती है । सन्तान का भी दुःख होता है । यह विस्तारित होता है । धर्मालय से संपर्क करें

पांचवें भाव बुध के फल उपाय एवं टोटके

यह बृहस्पति का खाना है । बुध शत्रु है । इसलिए यह जातक पिता के प्रति अधिक लगाव वाला नहीं होगा । यद्यपि इसका पिता इसे सहयोग करेगा , यदि कुंडली में बृहस्पति अच्छा हो । अपना भग्य शुक्र और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करेगा ।ज्ञान का भंडारी होगा । वाणी में  शक्ति होगा। राजा , संस्था, मालिक, मित्र सबको तारनेवाला होगा । पर राज दरबार या संस्था या परिवार में प्रतिष्ठा में  अपयश मिलगा होगा । वैसे सूरज (राज) , बृहस्पति (पिता ,हवा) चंद्रमा (माता)  सबका फल उत्तम होगा । शनि भी अच्छा ही फल देगा । इस बुध पर किसी की दृष्टि न हो और 9  भी खाली हो , तो  जायदाद   लाभ देगा । 3, 9 में सूरज , चन्द्र या बृहस्पति हो , तो 34 के बाद किस्मत चमकेगी । सन्तान उत्तम होगी ।

चंद्रमा 1, 2 4 या 6 हो , तो यह बुध खाना 4,6 , 7 , 8, 9 के फल को मारेगा । बचाव चंद्रमा या बृहस्पति के 3, 9 में  होने से होगा । अनामिका में सोना में मोती पहने । स्त्री की पूजा करें । वह भाग्य चमकाएगी । गले में ताम्बे का सूर्य पहनें । सूर्य मंत्र से सिद्ध करवाकर । बुध चंद्रमा  से पहले घरों में हो  या चंद्रमा बृहस्पति रद्दी हो होगा । अपने और स्त्री से गुरु पूजा करवाएं ।ऐसे के घर में पानी का सिस्टम बिगड़ता है , नालियां जाम होती है । स्त्री में स्वयं के वीर्य में गर्मी होती है । जिससे संतान बाधा होती है ।

छठे भाव बुध के फल उपाय एवं टोटके

माता का सुख शायद ही मिले , पर पानी –दूध- चांदी , सफ़ेद कपडा , खेत आदि से लाभ होगा । व्यापार और मस्तिष्क के काम में लाभ होगा । दस्ती  कलाकारी से कोई लाभ नहीं होगा । यह बुध हर प्रकार से उत्तम फल देगा । खुद ही अमीर बनेगा । इस बुध पर खाना – 2 और शुक्र का असर होगा । केतु का भी । कुंडली में भी उत्तम होगा , बुध वैसा ही फल देने लगेगा । यह शुक्र यानी स्त्री और घर की मिट्टी , शरीर आदि एक अनुसार होगा । शुभ  कामों में बुध के सामान , लड़की   , फल , फूल , कन्यापूजन अच्छा सगुन होगा । व्यापार , गृहस्थी , प्रेम, बुद्धि की उन्नति पत्नी के आदर पूजा से होगी । शनि 9 , 11 में हो , तो वह अमीर होगी । 1 में सूरज , शनि या बृहस्पति हो तो  राजयोग होगा । बृहस्पति उत्तम हो , तो प्रेस, मिडिया , साहित्य से सम्बन्धित होगा ।

उत्तर का दरवाजा मातम फैलाएगा । उत्तर का रास्ता भी । लड़की , बहन यदि उत्तर दिशा में ब्याही जाये , तो कभी सुख नहीं पायेगी । दिशा जन्म मकान से  । मंगल 4, 8 मंगली का फल 1 माता मरे , पत्नी बर्बाद । 34 सलाल तक बर्बादी । शुक्र 4 , केतु मंदा तो सन्तान 34 के बाद होगी । बृहस्पति 2, 11 या चंद्रमा 2-3 तो बुढ़ापा भी मंदा होगा । नजर कमजोर होगी  ।

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *