बारह भाव में मंगल के फल उपाय एवं टोटके .

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सातवाँ भाव

मंगल के कुच्छ विशेष गुण होते हैं. ये सभी भाव में रहते है. रक्त और उसके ब्लाफ्प्रेसर की समस्याएं . क्रोध, आक्रमकता , अहंकार. दुनिया जहां से शिकाय्यत . ये सभी भाव या तो उबलते हुए होते हैं या घुटते हुए होते हैं. या तो यह क्रियाशील विजयी होता है या विवश घुटता हुआ योद्धा, जो करना तो बहुत कुछ चाहता है, पर कर नहीं पाता .

सातवें भाव में यह दोनों दशा चरम पर होती है. वह या तो आसमान पर रहता है या धरती पर बीच की स्थिति कम ही होती है. यह जातक चाहे किसी भी दशा में हो, दूसरों की मदद करनेवाला और ह्रदय का अच्छा होता है. धन दौलत और रूतबे की तरह संतान भी या तो एक से अधिक होगी या लाबल्ड यानी निःसंतान होगा. भाव 1 में गुरु हो, तो बड़ा जमींदार, या व्यक्तित्व वाला हुक्मरान होता है. शुक्र हो, तो व्यापारी होता है.

पर इस मंगल को सूर्य का समर्थन मिले तभी यह शुभ फल प्राप्त होता है . बुध या सनी से संयोग होने पर यह अशुभ हो जाता है और कुंडली के सभी फलों पर अशुभ प्रभाव डालता है. बुध 1, 3 7,8, होने या किसी स्थान पर अशुभ होने पर बुध के व्यापार, सांगत यानी बुध के व्यक्ति, विधवा बहन, बुआ ,साली, मौसी आदि का साथ होने से यह मंगल अशुभ फल देगा. साली से लगाव मंहगा पड़ेगा. जीवन साथी अग्नि का शिकार होगी या तेज हथियार से मारी जायेगी. बुध का संयोग होने पर कोई भी प्रेम सम्बन्ध पति से पत्नी या पत्नी से पति को भारी पड़ेगा.

ढोलक, खाली डब्बा, सूखे घास, बांस, शराब, कबाब, बांसुरी, गूंजती हुई आवाज वाले वाद्य , अशुभ प्रभाव देंगे. बुध शनि 6,7 होने पर भी अशुभ मंगल पूरे परिवार पर भारी होगा . यह अविध प्रेम सम्बन्ध , कुटिलता , छल से जातक जातिका को भरेगा और इसमें जीवनसाथी की अकाल मृत्यु की संभावना बनती है.

मंगल अशुभ होने पर शरीर, रक्त , पेट, जीभ , गले के रोग होंगे . संतान बाधा होगी . संतान होगी, तो वह सौतेली माता के या पिता या माता के प्रेमी या सौतेले पिता से प्रताड़ित हो कर विद्रोही बनेगी और बुढापे में कष्ट देगी . देखा गया है कि धन दौलत आमदनी पर्याप्त रहते हुए भी जातक जातिका सुखी नहीं रहते .वे पहले जीवनसाथी से दगा करते हैं, तो दूसरा उनसे दगा करता है.

उपाय —–

  1. बुध का उपाय करें. बहन को हर सुबह गुड खिलाएं या कोई मीठा दें. बहन की इजात करें. दुर्गा माता की आराधना और मन्त्र जाप करें.
  2. घर में खाली डब्बा , संदूक , न रखें, ढोलक न बजाएं , गूंजता हुआ वाद्य न बजाएँ .
  3. . बांसुरी या बांस के पोरे में गुड और भर कर खेत में दबाएँ .
  4. घर में तीन या चांदी को कायम करें. चांदी के चेन आदि , बिना खोखले ताबीज के पहने .
  5. हरे वस्त्र को पहनने से बचें .
  6. घर के आसपास सूखे कुएं या पपीते के पेड़ न लगाएं. ऐसा कुआं हो, तो उसे साफ़ करवा कर पानी निकालें या उसमें नल गडवा लें.
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