बारह भाव में मंगल के फल, उपाय एवं टोटके

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दशम भाव

इस भाव का मंगल बेहद शुभ माना जाता है.यह जातक चाहे गरीब परिवार में जन्म ले, 28 का होते होते धनि हो जाता है या होना शुरू हो जाता है. इसका भाग्य शनी की दशा पर निर्भर करता है कि वह कितनी उनत्ती करेगा.इसको सूर्य का सहयोग मिलेगा, तो शेर होगा, चंद्रमा का सहयोग मिलेगा, तो नेक हिरन होगा, वृहस्पति का सहयोग मिलेगा, तो हवा के झोके में आग या विवेक के हाथों में आग्नेयास्त्र होगा. पर हर हालत में सनी ही मानक तय करेगा. स्वास्थ्य अच्छा होगा. धन, संतान और गृहस्थी उत्तम होगी भाई से सम्बन्ध अच्छा रखना उचित होगा. भाव 5 का खाली रहना अच्छा होता है. शनि 3 में होने पर नगद आमदनी कम रहती है, जायदाद की कमी की शर्त नहीं होती. चंद्रमा 4 में हो, तो राज्य से लाभ होता है और माता का सुख उत्तम होता है.शनि का साथ हो जाय, तो शरारती होता है. अकेला मंगल हो और खाना 4 खाली हो, तो भी उत्तम फल मिलता है.दुसमन का साथ हो या उनका असर हो, तो परिवार या ग्रुप में ही विवाद होगा. शत्रु आदर पैदा हो जाएगा. खाना 5 में शनि राहू होने पर संतान बाधा होगी.

उपाय-

  1. सोना या दूध न बेचें . पानी भी बेचें नहीं.
  2. साधू जनों का आदर सत्काए करें. मंदिर और परम्परा का पालन करें.
  3. सन्तान के लिए बहिरव जी और दुर्गा जी का मन्त्र जपें.
  4. दाहिने हाथ में ताम्बे या सोने में सिद्ध मूंगा स्थापित करें.
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