बारह भाव में मंगल के फल ,उपाय एवं टोटके

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अष्टम भाव

छोटे भाई के लिए दुःख का कारण. इस टेवे वाले का छोटा भाई होता ही नहीं. हो, तो 8 या कम से कम 4 वर्ष छोटा होता है और उसकी ता उम्र शामत बनी रहती है. या तो वह मर जाता है,या जिन्दगी भर इसकी प्रताड़ना का शिकार होता है.चंद्रमा, सूर्य अथवा वृहस्पति की सहायता न मिलने पर यह मंगल बहुत अशुभ होता है. विशेष कर अपने कुनबे और जीवनसाथी पर. इसके साए में कोई शान्ति नहीं पता. यह हर एक को जलाता रहता है.इसके प्रभाव से परिवार में मौतें हो सकतीं हैं. बुध अच्छा हो, तो 40 वर्ष तक खूब धन आता है. जातक खर्च भी खूब करता है और दूसरों का मजाक भी उड़ाता रहता है. परन्तु फ्फिर दुखी और निर्धन होने लगता है. बुढापे में सबके लिए महत्वहीन हो जाता है.जीवनसाथी जीवित हो, तो वह भी उपेक्षित कर देता है. जातक अपने जिव्वन के प्रारम्भ में धन दौलत के ऊँचे ख्वाब देखता है, मगर अंत समय निर्धन और दुखी हो कर संसार छोड़ता है. इस जातक की संगति में कोई शान्ति नहीं पता, इसलिए सभी कतराते हैं.

अष्टम मंगल से विवाह सम्बन्ध बनाने पर अक्सर आत्महत्या की दशा बनती है. न भी हो, तो भी दूसरा साथी नरक की यातना भोगता है. कारण इस जातक जातिका का स्वभाव होता है. इसमें यह लोहे की भट्ठी होता है, जहां किसी को राहत नहीं मिलती. उस पर बुध खराब हो. तो वाणी भी जहर होती है और बुद्धि भी

उपाय —

  1. मंगल 4 एन दिये हुए उपाय
  2. विधवाओं की सेवा.
  3. साधू की सेवा,
  4. चांदी पहनना , माता की सेवा करना, ठन्डे पानी से नहाना.
  5. गर्म लोहे के रोटी पकाने वाले तवे पर ठन्डे पानी के छींटें डालना .
  6. घर में रसोई के अतिरिक्त कहीं भी कभी चूल्हा बनाया गया हो, तो सभी तापी हुई मिटटी को खपड कर बहते पानी में डालना.
  7. मीठी रोटी कुत्ते को खिलाये.
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