बल वीर्य, धातु, कांति, ओज और याददाश्त के घरेलू तांत्रिक नुस्खें

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पुरूषों की सेक्‍स संबंधी समस्‍याएं और उनका उपचार

स्त्री हों या पुरुष , यदि आप स्वप्नदोष , धातुपतन, लिकोरिया, बहुमूत्र , अति मासिक , अल्प मासिक के शिकार नहीं है ; तो निम्नलिखित का प्रयोग 6 महीने करें। इससे आपको डॉक्टर की आवश्कयता ही नहीं रहेगी। उपर्युक्त दोष रहने पर पहले इनका निदान कर लें ; क्योंकि ये सारे रोग ताकत बढ़ाने पर बढ़ते है।

सेक्स पावर बढ़ाने के घरेलू उपचार

  1. सफेद प्यास जा रस १० ग्राम , ताजे अदरख का रस 6 ग्राम, घी – ५ ग्राम , शहद – 3 ग्राम ( एक मात्रा) – सुभ शाम एक – एक मात्रा लें और रात में 500 ml दूध में 15 ग्राम शतावर पीसकर डालकर उबालें और गाढ़ा करके पी जायें ।

 

सावधानी – घी और शहद बराबर मात्रा में न हों। डेढ़-दो गुणा का फर्क होना चाहिए, इसलिए मात्रा को मेन्टेन करें।

  1. गूलर के कच्चे फलों का चूर्ण या कच्चे फल पीसकर या उसकी छाल पीसकर 20-25 फ्राम की मात्रा में दूध मिश्री के साथ पीयें।
  2. भुना चना + बादा+ बराबर मात्रा में पीस लें – मात्रा १० ग्राम से १५ ग्राम तक दूध – पके केले के साथ सुबह – शाम लें।
  3. गेंदा फूल के बीज 4 ग्राम – मिश्री – 4 ग्राम – पीसकर प्रातः सायं दूध के साथ लें।
  4. गेंहू को धोकर चौड़े प्लेट जैसे गमले या धरती में बो दें। मिट्टी में पहले 50 ग्राम भांग पीकर मिला दें। जब 3-3 इंच का पौधा हो , तो ५ इंच तक होने तक 25-25 ग्राम प्रातः सायं पीस छानकर मिश्री मिला कर पीयें। इससे अन्य रोग भी दूर हो जाते है।
  5. बकरे की एक आंड , 2 ग्राम पीपर का चूर्ण , स्वाद के अनुसार सेंधा नमक लगाकर खाने से पौरुष शक्ति बढती है।
  6. केकेड़ें को दूध में पकाकर खाएं।
  7. जंगली मछली ( विशेषकर कबई , सिहिनी आदि) को घी में भुनकर खाने वाला अपनी काम शक्ति कभी नहीं खोता।
  8. एक अंडा , तीन बताशा, १० ग्राम घी पकार सायंकाल दूध के साथ लें।
  9. अम्रक भस्म , बंग भस्म , लोह भस्म , चांदी की भस्म, ताम्बे का भस्म पके केले के साथ 1 रत्ती की मात्रा में लेकर दूध पीने से एक महीने में पुरुषत्त्व हीन पुरुष पौरष वाला और कांती हीन स्त्री कांतिवान बन जाती है

(हमारे यहाँ प्रत्येक प्रकार की यौन- समस्याओं का तंत्र विधि से दवा चुनकर बनवाई जाती है। ये दवाएं तन्त्र विधि के कारण अल्प मात्रा में ही चमत्कारिक प्रभाव उत्पन्न करती है। परन्तु इसके लिए पूरी समस्या खोलकर बतानी होती है।)

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2 Comments on “बल वीर्य, धातु, कांति, ओज और याददाश्त के घरेलू तांत्रिक नुस्खें”

  1. 10.अम्रक भस्म , बंग भस्म , लोह भस्म , चांदी की भस्म, ताम्बे का भस्म पके केले के साथ 1 रत्ती की मात्रा में लेकर दूध पीने से एक महीने में पुरुषत्त्व हीन पुरुष पौरष वाला और कांती हीन स्त्री कांतिवान बन जाती है guru ji ye sare bhasm kitne ka hai

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