प्रतिनिधि के कार्य और हमारी योजना की विस्तार में व्याख्या

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

 

सब कुछ स्पष्ट है . इसे प्रतिनिधि अपने घर पर रहकर उसके आस पास करेगा । दूसरा यह भी स्पष्ट है कि उसे धर्मालय के बारे में लोगों तक जानकारी पहचानी होगी। और धर्मालय के धर्म सम्बन्धी क्रिया कलापों एवं निःशुल्क सेवा की जानकारी देते हुए उसके सशुल्क सेवा की भी जानकारियाँ देनी होगी, उसके लाभ को समझाना होगा; जिसका एक प्रोस्पेक्टस प्रतिनिधियों को दिया जाएगा कि हमारा उद्देश्य क्या है और हमसे आप किस प्रकार लाभ प्राप्त कर सकते है। धर्मालय का उद्देश्य धर्म और विज्ञान के प्रैक्टिकल स्वरुप के साथ लोगों को व्यवहारिक रूप से सक्षम बनाना है। हम जीवन को उन्नत करने के आध्यात्मिक ज्ञान और व्यवहार की गुप्त जानकारियाँ तो देंगे ही , साथ ही हमारा प्रयास यह भी है की हम लोगों को यह बता सके कि अपने आस-पास पाई जाने वाली बेकार की समझे जाने वाली वस्तुओं के चमत्कारिक गुणों को जानकर और अपने देशी संसाधनों को समझकर घरेलू पूंजी से आप किस प्रकार अपना एक व्यवस्थित रोजगार खड़ा कर सकते है। धर्मालय का नेटवर्क एक दुसरे को सहयोग करेगा और एक बड़ा मार्केटिंग क्षेत्र भी प्राप्त हो जाएगा जिसमें प्रतिनिधियों के क्षेत्र के व्यक्तियों का समूह अपनी आर्थिक स्थिति को भी देशी संसाधनों से भी मजबूत कर पाएगा। इसमें प्रतिनिधियों की भी भागीदारी होगी और उनकी भी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। तकनीकी और जानकारियां हम प्रदान करेंगे । हमे इसमें आपसे कुछ नहीं चाहिए । केवल रजिस्ट्रेशन शुल्क जिसका निर्धारण अभी नहीं किया गया है और जिसका आधार केवल मेन्टेनेन्स आक शुल्क होगा । क्योंकि इस प्रकार की व्यवस्था में स्टाफ इन्टरनेट इत्यादि का व्यय होता है और हमारे पास कल्पनाये तो बड़ी है परन्तु जेब से सामाजिक कार्य करने के लिए धन नहीं है।

इसलिए 150 रु से 250 रु तक रजिस्ट्रेशन फीस लेकर पूरी तकनीकी बताई जाएगी और उसका वह उपयोग भी जो उसके लिए मार्किट क्रिएट करेगा . बाबा लोग इसमें अपने उत्पादों बेचते है , परन्तु हम चाहते है कि ऐसा उत्पादन हर घर में हो जो अपनी गुणवत्ता से समाज में छाई हुई बड़ी कम्पनीयों के उत्पादों को विस्थापित कर सके। उदाहरण के लिए जिन्हें श्वाँस की बीमारी है , श्वाँस की कठिनाई होती है , तुरंत एलर्जी होती है, सर्दी होती है, नाक बंद हो जाता है , नजला जमता है , सर दर्द होता है,  इन सब बातों के लिए जाने कितने प्रकार की दवाओं का प्रयोग करना होता है और वह ठीक भी नहीं होता ।   बस तत्कालिक राहत के सिवा कुछ भी प्राप्त नहीं होता। हम बतायेंगे कि किस प्रकार कुछ साधारण से घास जो आपके आस -पास मौजूद है, एक दो महीने के प्रयोग से इस बिमारी को ही जड़ से समाप्त कर सकते है। कभी एलर्जी होगी ही नहीं । इसे किस प्रकार स्थाई प्रोडक्ट में बदला जा सकता है यह तकनीकी हमारी होगी। हम चाहते है कि हमारे रिसर्च के जानकारियों का उपयोग घर घर में हो और भोजन नाश्ता, पेय , कपड़ा, दवा, तमाम प्रकार के सामान्य उपयोग की चीजे लोग घर घर में कम से कम पूँजी में तैयार करें और स्थानीय स्तर पर ही उनको निश्चित सफलता मिलेगी । क्योंकि आज की सबसे बड़ी समस्या हर ओर गुणवत्ता का अभाव है । बड़ी कम्पनीयों के सारे दावे खोखले है । घरेलू मसाले तक नकली होते है और हम आपको मसालों के ऐसे योग बता सकते है जो अलग अलग खाद्य सामग्रियों में प्रयोग किये जाए , तो लोग किसी भी कीमत उसे खरीदेंगे। हम सारे देश में देसी तकनीकी का रोजगार फैलाना चाहते है और एक नेटवर्क कायम करना चाहते है जिसमें घर घर एक दूसरे से जुड़े कुछ बनाये औए एक दूसरे में बेचे , बाजार में भी बेचे । हमारे प्रतिनिधि इसमें सहायता करेंगे और प्रोडक्ट के अनुसार उनके द्वारा किये गये कार्यों में अलग अलग कमीशन धर्मालय द्वारा निर्धारित किया जाएगा जो उनको प्राप्त होगा। हमें इस काम में कोई कमीशन नहीं चाहिए।यह व्यवसाय नहीं राष्ट्रीयहित में लिया गया एक फैसला है ।

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