‘धर्मालय’ से रोग और समस्याओं के निदान हेतु क्या सहायता प्राप्त हो सकती है?

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रोग और समस्याओं के उपचार(इलाज)

यह हमारी वेबसाइट पर ही स्पष्ट है। कई बार मैंने पोस्ट में भी स्पष्ट किया है। इस पर ‘चमत्कारिक चिकित्सा प्रभाग’ में भिन्न – भिन्न जटिल रोगों को दूर करने के आयुर्वेदिक जड़ी बूटी से इलाज के नुस्खें  विधि सहित दिए गयें हैं और ज्योतिष प्रभाग में लक्षणों के अनुसार ग्रह दोष निदान भी है। वहाँ से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

हमसे किसी भी रोग या समस्या का स्पष्ट निदान या इलाज चाहेंगे और दवा बनवाने की जिम्मेदारी , ज्योतिष के फल के साथ समस्याओं के निदान के उपाय चाहेंगे , तो आपको व्यय करना होगा। जो इस प्रकार है –

  1. चर्म रोग ( फुल कोर्स) – 4200 रु.
  2. सेक्स प्रॉब्लम(समस्या) (किसी प्रकार का) –               4200 रु.
  3. गठिया –               4200 रु.
  4. सेक्स या गर्भाशय प्रॉब्लम –स्त्री –               3500 रु.
  5. उदर की पाचन शक्ति से सम्बन्धित शुल्क –               3500 रु.
  6. बाल –               2500 रु.
  7. ज्योतिष के फल एवं दोष निवारक उपाय बताने का शुल्क – 3000 रु.

रोगों में निश्चित व्यय की राशि इन्हीं रोगों तक बताई जा सकती है। हर व्यक्ति कि दवा के नुस्खें बदल जाते हैं और यह एक के लिए ही अपने अनुसार लोकल वैद्यों से बनवाई जाती है । हम चिकित्सा का कारोबार नहीं करते, न कोई पेटेंट दवा हमारे यहाँ बनती है। किसी की प्रार्थना पर ही हम जनहित में यह कार्य करवाते है; जिसमें हमारा लाभ केवल 25% होता है। इन दवाओं में तन्त्र के अति प्राचीन गोपनीय दुर्लभ नुस्खों का प्रयोग किया जाता है। हम दो-तीन बताशे खिलाकर भी जटिल रोगों से राहत दिला सकते है; पर इस व्यय को लोग सहन नहीं कर पाते। अन्य रोगों की भी सलाह ले सकते हैं ; पर पूरा विवरण और केस हिस्ट्री अनिवार्य होगा। लोग अजीबोगरीब ढंग से एक लाइन बताकर निदान पूछने लगते हैं , यह संभव नहीं है।

यंत्र –ताबीज-माला-दीपक-आदि से समस्या निदान

पूजन यंत्र , साधना यंत्र , वशीकरण ताबीज, विघ्न बाधा निवारक ताबीज , शत्रु विजय ताबीज या यंत्र ,माला स्फटिक एवं पारद के शिवलिंग , पत्थर के शिवलिंग, मूर्तियाँ , रक्षा त्रिशूल , वास्तु दोष निवारक छोटे पिरामिड आदि को पूर्णतः वैज्ञानिक विधियों एवं शास्त्रीय विधियों से सिद्ध करके प्राण-प्रतिष्ठित करवाकर भी हम उपलब्ध करवाते है। इसकी सिद्धि एवं प्राण प्रतिष्ठा प्रत्येक की अलग अलग की जाती है। इनका व्यय सामग्री के अनुसार होता है। प्राण-प्रतिष्ठा और सिद्धि एक व्यय के साथ। सामान्यतया ये 2500 रु से 4500 रु तक के व्यय में उपलब्ध हो जाता है। ये घरेलु पूजा-साधना के उपयोग के अनुसार होती है यानी शिवलिंग , मूर्ति, त्रिशूल आदि छोटे आकार के होते है । मन्दिर आदि की मूर्तियाँ की प्राण प्रतिष्ठा कार्य उनकी स्थापना के बाद होता है और इन्हें स्थानीय विद्वान आचार्यों से ही करवाना चाहिए।

Email – [email protected]

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