धर्मालय प्रतिनिधि: नियम एवं शर्तें

प्रतिनिधियों के कार्य

‘धर्मालय’ को अपने धर्म कार्य, धर्म ज्ञान , धर्म सम्बन्धी क्रियाकलापों के प्रचार-प्रसार के लिए विश्व के प्रत्येक शहर में धार्मिक प्रतिनिधि चाहिए| इनका काम ‘धर्मालय’ के धर्म सम्बन्धी प्रचार-प्रसार से लोगों को अवगत कराना, वेबसाइट के सम्बन्ध में जानकारी देना और यह बताना होगा की इस वेबसाइट पर उनके रोग-शोक-चिंता से मुक्ति से समाधान एवं सभी प्रकार के धार्मिक तत्वों का ज्ञान आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या सहित उपलब्ध है|

प्रतिनिधि के लिए धर्मालय की धार्मिक सामग्रियों , गुरूजी द्वारा विभिन्न रहस्यमय ज्ञान की व्याख्याओं की सी.डी., धर्मालय की रोग-शोक सम्बन्धी सशुल्क सेवाओं का भी प्रचार-प्रसार करना कर्तव्य होगा, जिनकी विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी|

इसके अतिरिक्त धर्मालय द्वारा जनहित में चलाये जा रहे , जीवन को परिवर्तित करके अलौकिक शक्तियों से सम्पन्न करने वाले अभियान ‘वे टू लाइफ बाई तन्त्र’ से लोगों को जोड़ना और उनकी या अपनी समस्याओं से धर्मालय को परिचित कराकर निर्देश लेना भी कर्तव्य होगा|

आर्थिक सपोर्ट

‘धर्मालय’ जनहित में सनातन धर्म के वास्तविक वैज्ञानिक स्वरुप का ज्ञान कराने और इस ज्ञान से जीवन में प्रत्येक स्त्री/पुरुष को लाभान्वित करने के उद्देश्य से किया गया है| इसका उद्देश्य धन कमाना नहीं है; तथापि जिस प्रतिनिधि द्वारा इसकी सशुल्क सेवाओं को घर-घर तक पहुंचा कर किसी भी प्रकार का आर्थिक कार्या किया जाएगा; उसमें उन्हें 20% का कमीशन दिया जाएगा|.

पर कोई भी प्रतिनिधि सीधा नगद धन राशि लेने के लिए अधिकृत नहीं होगा| यह धन बैंक अकाउंट में जमा करवाना होगा| जो धन बैंक अकाउंट में जमा नहीं हुआ है, ऐसी किसी भी धन राशि के लिए ‘धर्मालय’ जिम्मेदार नहीं होगा|

प्रतिनिधियों का सीमा क्षेत्र

हमारे प्रतिनिधि छोटे शहर में के यूनिट , बड़े शहर में उसकी कैपिसिटी के अनुसार एक सीमा क्षेत्र में एक यूनिट, किसी जिले में उसके शहरों एवं कस्बों के अनुसार सीमाबद्ध रूप से एक-एक यूनिट होंगे| एक यूनिट में एक महिला और एक पुरुष ही स्वीकार किये जायेंगे| हमारा उद्देश्य यह है की धर्मालय से जुड़े ऐसे प्रतिनिधि इसके सशुल्क सेवाओं से मिलने वाले लाभ का निश्चित एवं स्थाई भागीदार बने रहे और एक व्यक्ति के परिश्रम का फल दूसरा न ले सके|

सर्वाधिकार धर्मालय के पास सुरक्षित

प्रतिनिधियों के लिए प्राप्त होनेवाले आवेदन-पत्रों में से योग्य प्रतिनिधि के चुनाव का पूरा वैधानिक अधिकार एक ही व्यक्ति गुरूजी (श्री प्रेम कुमार शर्मा) को होगा| उनका निर्णय अंतिम होगा | उन्हें अधिकार होगा कि वे किसी भी प्रतिनिधि को किसी भी समय, एक पत्र द्वारा निरस्त करके किसी दूसरे को नियुक्त कर दें| इस सम्बन्ध में कोई भी कारण बताना आवश्यक नहीं होगा|

प्रतिनिधियों का आर्थिक कर्तव्य और उनके कमीशन की देय राशि के भुगतान के नियम

कोई भी प्रतिनिधि सशुल्क सेवाओं का प्रचार प्रसार करेगा| वह उसके लिए धर्मालय को दी जानेवाली राशि उसके बैंक अकाउंट में जमा करवाएगा| यह पूरी राशि होगी| प्रतिनिधि बनने पर उसे पूरा रूटलाइन समझाया जाएगा|

‘धर्मालय’ में उस प्रतिनिधि का खाता होगा| उसके किये गये कार्यों से प्राप्त राशि का ब्यौरा वहां होगा| प्रत्येक महीने की 1 से 7 तारीख तक उसका हिसाब करके उसका कमीशन उसके अकाउंट  में जमा करवा दिया जाएगा|

 

विशेष सहयोग करनेवाले धन्यवाद के साथ आमंत्रित है

हमें ऐसे धर्मानुरागी और गुरूजी के प्रति श्रद्धालुओं के पत्र प्राप्त हो रहे हैं की वे कमीशन नहीं चाहते, धन की आमदनी का स्रोत उनके पास है| वे धर्मार्थ धर्मालय का प्रतिनिधि बनकर प्रचार-प्रसार करना चाहते हैं|

हम ऐसे स्त्री/पुरुष का नमन करते हैं और  उन्हेंसादर आमंत्रित करते हैं| कमीशन की बात मैंने इसलिए रखी हैं कि आजकल लोग आर्थिक रूप से जूझ रहे है और उनको कुछ आर्थिक सपोर्ट भी मिल जाए|

भविष्य में प्रतिनिधियों के कार्य

जब यह नेटवर्क स्थापित हो जाएगा; तो गुरूजी का उद्देश्य क्षेत्र –क्षेत्र में नए-नये रोजगारों में बेरोजगार युवक-युवतियों को स्थापित करना है| ऐसे नये रोजगारों में जो गुरूजी के रिसर्च है और ऐसे हैं कि इनमें जुड़ने वाला थोडा परिश्रम करे, तो मांग के अनुरूप माल का उत्पादन करना भी कठिन परिश्रम का काम होगा| ये रोजगार 10 हजार से लेकर 10 लाख तक में प्रारंभ किये जा सकते हैं और हम अपने देश को एक नयी दिशा दे सकते है|

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