देवी – देवता का रहस्य

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इस ‘0 ’ में अत्यंत सूक्ष्म बिंदु पर हुए विस्फोट से एक धाराओं से युक्त संरचना बनती है; जो अर्द्धप्याले में उठे मीनार जैसी होती है।

यह तीव्र गति से घूम रही होती है। इससे इस पर 0 के घर्षण से आवेश बनने लगते है।

यह योनी के आकृति में होती है। इसे ही आधाशक्ति महाकाली कहा जाता है। इसकी संरचना को ‘महाकाल’।

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