जंगली तम्बाकू

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

जंगली तम्बाकू (Verbascum Thapsus)

यह कई रोगों की दवा है. दम्मा(Asthma), दांत के रोग(Teeth Problem),जोड़ो का दर्द (Joint Pain), कान के रोग (Ear Problem)का यह  आयुर्वेदिक रामबाण इलाज है.

रोग- दम्मा(Asthma), दांत के रोग(Teeth Problem),जोड़ो का दर्द (Joint Pain), कान के रोग (Ear Problem), गठिया का दर्द, बदन दर्द(Body Pain), कमर दर्द

दवा- इसके 25 ग्राम पत्तों को 600 ग्राम दूध में पीसकर उबाल कर 300 ग्राम दूध रहने पर सुबह-शाम पीने से श्वाँस , दम्मा, खाँसी, टी.बी. का स्त्राव बंद होता है। इससे वजन बढ़ता है।

इसके 100 ग्राम पत्तों को पीसकर 400 ग्राम पानी, 200 ग्राम सरसों तेल में उबालें, जब तेल बच जाए, ठंडा करके छान लें। यह तेल सर दर्द(Headache Problem), चर्म रोग(Skin Problem), जोड़ो के दर्द (Joint Pain) में लाभ दायक है।

सुखाकर जलाकर दांत मजने से सभी प्रकार के कीटाणु, विषाणु मर जाते है। दांत चमकते है ( Teeth Problem)। इसे सरसों के तेल में मिलाकर ब्रश से दांतों पर मलना चाहिए।

धर्मालय के प्रसार में सहयोग करें

6 Comments on “जंगली तम्बाकू”

  1. Tambaku ke nuksan ke baare me hi suna tha. Yah pahli baar hai ki tambaku khane ke fayde ke baare mein pata chal raha hai.

    1. आयुवेॆद और तंत्र में बहुत सारे विषों की भी दवायें हैं .विधि और मात्रा से प्रयोग करने पर लाभ ही होता है .सवधानियाँ यथा स्थान वणिॆत हैं .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *