ग्रहों की मित्रता और शत्रुता: सामान्य और तत्कालिक मित्र ग्रह शत्रु ग्रह

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ग्रहों के मित्र और शत्रु

ज्योतिष में कुंडली की फल गणना करते समय ग्रहों की मित्रता और शत्रुता का ज्ञान होना आवश्यक है. यदि गणना करने वाले व्यक्ति को ग्रहों के मित्र और ग्रहों के शत्रु ग्रह की जानकारी नहीं है तो फल की गणना नहीं की जा सकती. नीचे इस लेख में हमने मित्र ग्रह शत्रु ग्रह की जानकारी को एक सरल सारिणी (chart) के माध्यम से बताने का प्रयास किया है.

ग्रहों के मित्र ग्रह

कुंडली के घर और राशि का भी सम्बन्ध ग्रहों से होता है . घरों का भी सम्बन्ध दृष्टि से होता है.  इस प्रकार कौन सा गृह किस घर और राशि में है , इसका फल गणना में बहुत महत्व होता है , क्योकि ग्रहों में आपसी शत्रुता मित्रता होती है और उसी के अनुसार उसके प्रभाव होते हैं. मित्र ग्रहों के लिए नीचे दिए गए सारिणी (chart) को देखें.

  1. सूर्य के मित्र ग्रह कौन हैं? – वृहस्पति, मंगल, चन्द्र
  2. चंद्रमा के मित्र ग्रह कौन हैं? – सूर्य और बुध
  3. मंगल के मित्र ग्रह कौन हैं? – सूर्य, चन्द्रमा, वृहस्पति
  4. बुध के मित्र ग्रह कौन हैं? – सूर्य, शुक्र, राहु
  5. बृहस्पति के मित्र ग्रह कौन हैं? – सूर्य, चन्द्रमा, मंगल
  6. शुक्र के मित्र ग्रह कौन हैं? – शनि, बुध, केतू
  7. शनि के मित्र ग्रह कौन हैं? – बुध, शुक्र, राहु
  8. राहु के मित्र ग्रह कौन हैं? – बुध, शनि, केतू
  9. केतु के मित्र ग्रह कौन हैं? – शुक्र और राहु

ग्रहों के शत्रु

ग्रहों में आपस में शत्रुता भी होती है. जब इन ग्रहों का सम्बन्ध घर, राशि या साथ होने से होता है, तो उस घर, राशि या साथ के दोनों, तीनों या अधिक ग्रहों के फल नष्ट हो जातें हैं और परिणाम अशुभ हो जाता है. शत्रु ग्रहों के लिए निम्न सारिणी (chart) को देखें.

  1. सूर्य के शत्रु ग्रह कौन हैं? – शुक्र, शनि, राहु
  2. चन्द्र के शत्रु ग्रह कौन हैं? – केतु, राहु
  3. मंगल के शत्रु ग्रह कौन हैं? – बुध, केतु
  4. बुध के शत्रु ग्रह कौन हैं? – चंद्रमा
  5. बृहस्पति के शत्रु ग्रह कौन हैं? – शुक्र, बुध
  6. शुक्र के शत्रु ग्रह कौन हैं? – सूर्य , चन्द्र, राहु
  7. शनि के शत्रु ग्रह कौन हैं? – सूर्य , चन्द्र , मंगल
  8. राहु के शत्रु ग्रह कौन हैं? – सूर्य , शुक्र, मंगल
  9. केतु के शत्रु ग्रह कौन हैं? – चन्द्र , मंगल

सामान्य सम्बन्ध 

कुछ ग्रह आपस में न मित्र ग्रह होते हैं, न शत्रु ग्रह. जब ये साथ होते हैं या राशि , घर के दृष्टि सम्बन्ध से मिलतें हैं, तो अच्छा या बुरा प्रभाव नहीं होता . इनका अपना ओना फल होता है .

  • सूर्य- बुध
  • चन्द्र – शुक्र, शनि, मंगल, बृहस्पति
  • मंगल – शुक्र, शनि
  • बुध – शनि , मंगल, बृहस्पति, केतु
  • बृहस्पति – राहू, केतू, शनि
  • शुक्र – मंगल और बृहस्पति
  • शनि- केतु और बृहस्पति
  • राहु – बृहस्पति और चंद्रमा
  • केतु – वृहस्पति, शनि, बुध और सूर्य

ग्रहों की तत्कालिक मित्रता और शत्रुता: मित्र ग्रह शत्रु ग्रह

तात्कालिक मित्रता का अर्थ है, स्थिति के अनुसार मित्रता , जो ग्रहों के घरों में स्थिति के अनुसार होती है.  इसमें ग्रह अपनी स्वाभाविक मित्रता सत्रुता छोड़ कर प्रायः मित्रवत व्यवहार करतें हैं. प्रायः इसलिए की इसमें कुछ अपवादात्मक नियम भी हैं.

मित्रता – कुंडली में 2, 3, 4, 5, 10, 11, 12 में बैठे ग्रह तात्कालिक मित्र होते है।

निम्न लिखित घरों में बैठे ग्रह मित्र होते हुए भी प्रायः शत्रु जैसा व्यवहार करतें हैं.

शत्रुता – 1, 5,6,7, 8 एवं भावों में बैठे ग्रह आपस में शत्रु होते  है

नोट – किसी भी खाने को खाना – 1 मान कर मित्रता –शत्रुता के लिए यही सूत्र प्रयुक्त होता है। यह गिनती लग्न सहित सभी खानों  को १ मान कर की जाती है.

   इस प्रकार फल निकालने के लिए एक जटिल गणना करनी पड़ती है. सारे समीकरण की समरी निकालनी होती है .

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4 Comments on “ग्रहों की मित्रता और शत्रुता: सामान्य और तत्कालिक मित्र ग्रह शत्रु ग्रह”

  1. My name is Vikram Arora. Date of birth 09.10.1980 time 11.15am Place Fazilka Punjab .
    Karobar ke bare me puchna h jo bi kam karta hu bo chalta nahi. koi upaye batye.

  2. Sir ye batayein ki rahu ke mitra grah kaun se hain? Graho ke mitr shatru ka koi sootra hai kya? Ketu ke mitra grah aur shani ke mitra grah kaun hain?

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