एरंड

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एरंड (Latin: Ricinus Communis)

यह कई रोगों की दवा है. वात रोग (Musculoskeletal Disorder), जोड़ों का दर्द (Joint Pain), अंड वृद्धि (Hydrocele) का यह  आयुर्वेदिक रामबाण इलाज है.

रोग – वात रोग (Musculoskeletal Disorder), गठिया , जोड़ों का दर्द (Joint Pain), कब्ज, अंड वृद्धि (Hydrocele), योनि विकार ( Vagina Problem), दूध की गाँठ (Breast Problem)।

दवा – इसकी जड़ की छाल 20 ग्राम, सोंठ 10 ग्राम, 200 ग्राम पानी में कुचल कर काढ़ा बनाएं। 100 ग्राम रहने पर काली मिर्च का चूर्ण छाल कर छानकर पी जाएँ। सुबह-शाम। इससे वातरोग , कमर दर्द, जोड़ो के दर्द , गठिया में मदद मिलता है। अंड वृद्धि में पत्ते पीसकर बांधे।

एरंड के बीजों के मध्य का अंकुर निकाल कर छीलकर पीसकर 2 ग्राम 10 ग्राम  तिल के तेल के साथ लें- उपर्युक्त लाभ होगा।

एरंड के तेल का 20 ग्राम गर्म दूध के साथ लेने पर पेट साफ़ होता है।

पत्तों को सिरके में पीसकर लगाने से स्तन के दूध की गाँठ बिखरती है। स्तनों का ढीलापन मिटता है।

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7 Comments on “एरंड”

    1. जरा शरीर को हिलाइये .किराने की दूकान तक जाइये..खरीद कर भी मैं ही भेज दूँ? कोई भी मिलने की जानकारी जडी़ बूटी बेचने वाले से प्राप्त करें .आलसी लोंगों के लिए मेरे पास समय नहीं है .

  1. Sir as you said can erand oil for constipation can be used. Thank you for providing information of erand oil in hindi.

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