आयुष्य ( आयुवर्द्धक ) गुटिका

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एक तितर या मोर को को तीन दिन भूखा रखे। फिर उसे दूध में डालकर दो-दो ग्राम परा प्रति दिन पिलाये। उसकी बीट को इकट्ठा करके गोमूत्र से धोये।

इस बीट में जमे हुए पारे के टुकड़े मिलेंगे इन्हें इकट्ठा करके रखते रहे। जब 10 ग्राम पारा हो जाये , तो इसे गोली बना लें।

प्रतिदिन प्रातः उबले हुए दूध में इस गोली को डालकर 2 मिनट ‘ॐ’ का जाप करे। फिर गोली निकालकर दूध पी लें।

तीन महीने तक इसको करने पर सारे रोगों से मुक्ति मिल जाती है।सभी प्रकार की खोई हुई शक्तियाँ वापस मिल जाती है। आयु 100 वर्ष की होती है और मृत्यु काल तक शारीरिक शक्ति बनी रहती है।6 महिना प्रयोग करने पर 125 वर्ष एवं 1 वर्ष प्रयोग करने पर 150 की आयु होती है।

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4 Comments on “आयुष्य ( आयुवर्द्धक ) गुटिका”

  1. क्या मोर जा तितर से बनी पारा गोली आपसे मिल सकती है

  2. shriman aapko sadar naman,
    kya ye Titar ya More se bani hui PARE ki goli aapke yaha se prapt ki ja sakti he.
    kripya baaye aur kis vidhi se .?

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