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धर्मालय > वैधानिक चेतवानी (Privacy Policy)

धर्मालय एवं धर्मालय के तंत्र रहस्य के अंतर्गत वर्णित कोई भी व्याख्या , कोई भी तकनीकी विवरण श्री प्रेम कुमार शर्मा द्वारा अन्वेषित मौलिक अन्वेषण है। इनकी व्याख्याएं भी मौलिक है।यह इस रूप में विश्व की किसी भाषा में कहीं प्राप्त नहीं है। इन विवरणों का बिना अनुमति लिए कहीं भी प्रयोग करना ‘कॉपी राईट एक्ट’ का उल्लंघन समझा जाएगा। इसके लिए संजा के साथ-साथ लम्बा जुर्माना भी हो सकता है। और यदि ‘धर्मालय और श्री प्रेम कुमार शर्मा’ के नाम का उल्लेख किये बिना प्रयुक्त किया गया , तो यह बौद्धिक सम्पदा का जालसाजी करके अपहरण समझा जाएगा। यह धारा 467 भा.द.वि. से सम्बन्धित होगा; जिसके लिए पन्द्रह वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

हम सभी जिज्ञासुओं से क्षमा चाहते है । पर देश में ऐसे लोग प्रत्येक कलात्मक एवं बौद्धिक क्षेत्र में सक्रिय है। इनमें बड़े-बड़े लेखक, पत्रकार , फिल्म प्रोडूसर, शिक्षावियों का समूह है। इसलिए स्पष्ट कर देना आवश्यक है।

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