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धर्मालय > तंत्र मन्त्र सिद्धि साधना (Page 2)

वशीकरण कैसे करें?

वशीकरण  के सम्बन्ध में अनेक भ्रम फैले हुए हैं .सबसे पहले उसे दूर करें. इसके प्रयोग तभी सफल होंगे जब जब आपने वशीकरण विद्द्या की सिद्धि की हो या आपके पास  किसी  मानसिक शक्ति की सिद्धि हो. यह मानसिक शक्तियों के केन्द्रीयकरण की विद्या है .केवल विधि पालन से कुछ

वशीकरण विद्या सिद्धि

सम्पूर्ण गुप्त रहस्य एवं विधियों के साथ यंत्र पूजा और सिद्धि ===लाल कनेर के फूल ,मालती के फूल , चमेली के फूल , कमल के फूल ,वकुल के फूल ,लॉन्ग ,अनार के फूल .===,इनमें से कोई पञ्च का रस और लाल रंग ----इनसे त्रिकोण के मध्य विन्दु .उसके उपर वृत्त ,

महालक्ष्मी की गुप्त तंत्रसाधना (सम्पूर्ण विधि प्रक्रिया और गुरु निर्देश)

महालक्ष्मी को तंत्र में कमला कहा जाता है . यह मणिपुर चक्र की देवी है ,जो नाभि के मूल में रीढ़ की हड्डी में होता है .यहाँ सभी ध्यान नहीं लगा सकते ,इसलिए योगी गण नाभि के मध्य ध्यान लगाते हैं . मगर तंत्र में इसकी भी आवश्यकता नहीं होती

मायालोक की मायावी सिद्धियाँ.

साधना कैसे पाए? एक विचित्र सत्य है ,जिसे प्रत्येक साधु, साधक, ईश भक्त, देवी भक्त, भूतनी, प्रेतनी, यक्छिणी, डाकिनी आदि किसी भी ईष्ट की साधना करने वालों को जानना चाहिये अन्यथा उच्च कोटि की सिद्धि प्राप्त करके भी वे जड़ ही रह जायेंगे .एक मैकेनिक की तरह ,जिसे केवल विधि और

काम कला काली की गुप्त तंत्र साधना

ऊध्वमागे एवं कामख्या मार्ग सृष्टि की प्रथम उत्पत्ति योनि रूपा आद्या के रूप में होती है, जो अपने तीव्र घूणेन बल के कारण तत्व से घषॆण करते घोर आवेश से युक्त होती है .यह इसी कारण कामकला काली कहलाती है .प्रथम आद्या महाकाली इसे ही कहा जाता है . मंत्र ---क्लीं क्री

भैरवी- चक्र काम- काली विधि में भैरवी- दीक्क्षा अभिषेक [कामख्या भैरवी अभिषेक ]

बहुत से लोग इस अति गोपनीय विद्द्या की साधना में प्रवृत होना चाहते हैं .मुझसे पूछते हैं कि कैसे  करें ? यह अन्य साधनाओं के विषय में भी एक समस्या है ..पता नहीं वे साधनाओं को क्या समझते हैं. इसी दृष्टिकोण से हमने सब विस्तार से बताने का निर्णय लिया

दुर्गा जी , पूजा और साधना में अंतर .

दुर्गा जी की पूजा तो घर घर  की जाती है . कहीं  पंडित करता है, कहीं जानकार लोग स्वयं करते हैं .पर यदि कोई साधना कर रहा है तो अपने गुरु की बताईं विधियों के साथ यह भी जान  लें , तो अतिरिक्त सहायता मिलेगी .मूलाधार से ऊपर का चक्र

अघोर,अघोरी, अघोर मार्ग का रहस्य; संक्षिप्त व्याख्या और आधार सूत्र

यहाँ वर्णित व्याख्या अघोर पंथ के गुप्त शास्त्रीय रूप की आधुनिक विज्ञानिक व्याख्या है. यह अघोर पंथ की नहीं, उसके आधार सूत्रों एवं स्वरुप की व्याख्या  है . यह इस रूप में कहीं भी किसी भाषा में उपलब्ध नहीं है . यह मौलिक  है ,इसलिए बिना धर्मालय के नाम का

क्या देवी देवता सचमुच होते हैं?

इस बौद्धिक युग में ,जिसे कुछ लोग वैज्ञानिक भी कहते हैं सचमुच यह जानना जरूरी है .सनातन धर्म और विज्ञानं आज विचित्र कीचड़ में फंस गया है.लोग जानना नहीं चाहते .बाबा लोग जो समझा रहे हैं , वहीं दुनिया उनकी आस्था है .बाबाओं की बातें ऊपरी मायाजाल से जुडी होती

मनोकामना पूर्ति के चमत्कारीक उपाय क्या हैं?

अपने स्व को मजबूत करके मानसिक शक्तियों  को मजबूत बनाना .जब तक आप किसी अल्ला-उद्दीनी चिराग की तलास में हैं कोई सफलता नहीं मिलनेवाली . धर्मालय के पोस्टों को पढ़ कर,एकाएक हजारों लोग सिद्धि पाने के लिए दौड़ परे . मनो यह कोई टेक्निक हो और जन कर हो और

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