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यक्षिणी साधना विस्तृत प्रयोग विधि

  यक्षिणी साधना विस्तृत प्रयोग विधि यहाँ अति गोपनीय यक्षिणी साधना का वर्णन विस्तार से किया जा रहा है । यक्षिणी के अनेक रूप होते हैं। हमने प्रयत्न किया है कि प्रत्येक रूप के लिए साधना का स्वरुप स्पष्ट रूप से वर्णित किया जा सके। ‘धर्मालय’ के सभी विवरण वैज्ञानिक रूप से

सन्यास और साधना का रहस्य

इस पर हम पहले भी बहुत कुछ कह आये हैं, धर्मालय पढ़िए , सन्यास लेने देने की चीज नहीं है। परिस्थितियों  से निराशा एवं जिन्दगी से उदासीनता का भाव सन्यास नहीं है। कोई घर छोड़ दें , तो उससे उसकी मानसिक दुनिया नष्ट नहीं होती, दुर्गा सप्तशती में इसकी कहानी

साधना का रहस्य

साधना का रहस्य (Secrets of Sadhana) आप लोगों का प्रश्न समझ में नहीं आता, धर्मालय के सिद्धि साधनाओं के क्षेत्र में प्रत्यक्ष होने से सम्बन्धित सभी वास्तविक वैज्ञानिक रहस्य बताये गये हैं. उस सूत्र के अनुरूप आप कोई काल्पनिक चित्र बनाकर अगर उसका ध्यान और उसके भाव के अनुरूप मंत्र जपेंगे,

तंत्र मन्त्र से काला जादू २ (प्रयोग)

काला जादू (Black Magic) के प्रयोग १ अनार की लकड़ी की समिधा में,चमेली के फूल में माध्यम को मिला कर हवन करने से वशीकरण होता है. २दूध,घी,शहद को बराबर मात्र में मिला कर,उसमें महुआ के फूल और  माध्यम मिला कर,आम की लकड़ी की समिधा में हवन करने से साध्य वशीकृत होता है. ३

तंत्र मन्त्र हवन से काला जादू

तंत्र मंत्र से काला जादू (Black Magic) विशेष निर्देश -किसी देवता की सिद्धि आवश्यक है. सिद्धि नहीं है, तो हवन की सख्या १०००० होती है. सिद्धि होने पर १०००. मानसिक एकाग्रता आवश्यक है. ध्यान में इष्ट देवता को हवनकुंड से प्रगट हो कर भाव के अनुसार वांछित काम  करते हुए अनुभूत किया

लालच के मारों को सिद्धियाँ प्राप्त नहीं होतीं

सिद्धि साधना पाने की योग्यता जब हम कोई भी काम करते हैं, तो उसमें कोई न कोई कामना होती है. पर काम के समय हमें काम पर घ्यान देना होता है, न कि कामना पर. यदि हम अपनी कामना की लालच में ही डूबे रहे, तो उस काम में ध्यान नहीं

घी कैसे पचायें ?

मुसीबत यह है कि लोग छोटी छोटी सामान्य बातें  को भी पूछने लगते हैं कि  इसकी विधि क्या है .तेल या घी दाल दाल कर मालिश करके सम्बंधित अंगों में अन्दर तक अब्जोर्ब करने की प्रक्रिया को पचाना कहते हैं और घर घर में माताएं बहनें इसे जानती हैं . इसी

वशीकरण कैसे करें?

वशीकरण  के सम्बन्ध में अनेक भ्रम फैले हुए हैं .सबसे पहले उसे दूर करें. इसके प्रयोग तभी सफल होंगे जब जब आपने वशीकरण विद्द्या की सिद्धि की हो या आपके पास  किसी  मानसिक शक्ति की सिद्धि हो. यह मानसिक शक्तियों के केन्द्रीयकरण की विद्या है .केवल विधि पालन से कुछ

वशीकरण विद्या सिद्धि

सम्पूर्ण गुप्त रहस्य एवं विधियों के साथ यंत्र पूजा और सिद्धि ===लाल कनेर के फूल ,मालती के फूल , चमेली के फूल , कमल के फूल ,वकुल के फूल ,लॉन्ग ,अनार के फूल .===,इनमें से कोई पञ्च का रस और लाल रंग ----इनसे त्रिकोण के मध्य विन्दु .उसके उपर वृत्त ,

महालक्ष्मी की गुप्त तंत्रसाधना (सम्पूर्ण विधि प्रक्रिया और गुरु निर्देश)

महालक्ष्मी को तंत्र में कमला कहा जाता है . यह मणिपुर चक्र की देवी है ,जो नाभि के मूल में रीढ़ की हड्डी में होता है .यहाँ सभी ध्यान नहीं लगा सकते ,इसलिए योगी गण नाभि के मध्य ध्यान लगाते हैं . मगर तंत्र में इसकी भी आवश्यकता नहीं होती

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