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वास्तु विद्या क्या है?

वास्तु विद्या क्या है? क्या यह सत्य में मनुष्य पर प्रभाव डालता है? वह भी उसके भाग्य पर? उत्तर – ‘ वास्तु विद्या’ का शाब्दिक अर्थ निकालिए। इसका अर्थ वस्तु का विज्ञान है , न कि मकानों की विद्या। यह प्राचीन पदार्थ विज्ञान है । चूँकि मकानों में इस विद्या का

आपके प्रश्न हमारे उत्तर

प्रश्न – केतु नामक कोई ग्रह नहीं है; फिर यह हम पर प्रभाव कैसे डालता है? उत्तर – ज्योतिष के ग्रहों के सम्बन्ध में के भारी भ्रम है कि यह सौर मंडल के ग्रहों से सम्बन्धित है; परन्तु यह हमारी या किसी इकाई की ऊर्जा – व्यवस्था से सम्बन्धित है। इन

स्त्री जातक : विवाह न होने के कुंडली योग (शास्त्रीय) (उपाय सहित)

क्रमांक – 10 से आगे – (शत्रु – पाप- मित्र-क्रूर आदि के लिए शुरू के विवरण वेबसाइट पर देखें) उपाय के लिए लक्षणों से स्वयं करें ग्रह का उपाय देखें। सातवें भाव में बुध-शुक्र हों, पहले तीसरे , 11 वें खाने में पापी ग्रह हों या बुध-शुक्र के शत्रु हों।

स्त्री जातिका की जन्मकुंडली के संक्षिप्त फल (ऊपाय सहित)

यहाँ दिए गये समीकरण और उनका फल शास्त्रीय कथनों पर आधारित हैं। अपनी कुंडली में अपने जीवन की जानकारी लेते समय यह ध्यान रखें कि आपका फल सम्पूर्ण कुंडली की गणना का फल नहीं है। शुभ या अशुभ परिणाम में बचाव या हानि प्रभाव कम-अधिक-बचने के योग्य हो सकता है। फल

ग्रहों की मित्रता – शत्रुता

मित्र - सूर्य के मित्र – वृ. मं चन्द्र चंद्रमा के मित्र – सूर्य बुध मंगल के मित्र – सू. च. वृ. बुध के मित्र – सूर्य, शुक्र, राहु, बृहस्पति के मित्र – सू. च. मं शुक्र के मित्र – श. बु. के. शनि के मित्र

अपना सामान्य फल देखने के लिए क्या करें?

अपना भाग्य स्वयं जानने के कुछ  सरल तरीके. केवल कुछ सामान्य सूत्रों को समझकर आगे राशि-ग्रह के अलग अलग फलों को पढ़कर समरी बना लें। समरी का सूत्र निम्नलिखित होगा। किसी भाव (खाना) के विषय को पूर्व के विवरण से समझ लें। ये संक्षिप्त विवरण है। इनमें केवल सब्जेक्ट का नाम है,

स्त्री की कुंडली में विवाह, पति , गृहस्थ सुख, सन्तान आदि

(कैसे देखें) कुंडली में भाव अथवा खाने की गणना बायीं ओर से घूमते हुए (एंटी क्लॉक वाइज) की जाती है। स्त्री के किस खाने से किस विषय का ज्ञान होता है, यह इस प्रकार है – खाना – 1 - अपना आत्मिक बल , रूप, रंग, शरीर, गुण, तेज , यश, सिर,

क्या ज्योतिष विद्या विज्ञान है? इसका वैज्ञानिक स्वरुप क्या है? हमने अपना जन्मदिन डिटेल्स भेजा था, आपने कुछ बताया नहीं।

यह दो व्यक्तियों के प्रश्न है । इन पर पहले भी हम कई बार प्रकाश डाल चुके हैं। यह पोस्ट किसी बहस के लिए नहीं है। यह सूचना है और मैं उस प्रत्येक व्यक्ति को उसके भविष्य को बताने या समस्या सुधारने के लिए बाध्य नहीं हूँ, जो मेरी विवशता

शादी के चार साल हुए , सन्तान नहीं होती; क्या करें?

सन्तान न होने के कई कारण होते है। यदि मेडिकली स्त्री-पुरुष स्वस्थ है; तब मासिक की स्थिति , गर्भाशय में गर्मी –शर्दी की स्थिति, योनि स्त्राव का एसिडिक होना, विर्या का बहुत गाढा और बहुत पतला होना, रतिकाल की कीसी की अरुचि और स्त्री-पुरुष का भिन्न प्राकृतिक नस्ल होना होता

कोई काम सफल नहीं होता , क्या करें?

यह विषय जन्म कुंडली से सम्बन्धित होता है। इसके कई कारण होते है। बृहस्पति का खराब होना (पितृ दोष आदि); बुध का राहु- शनि- केतु से विकृत होना, मंगल को सूर्य की सहायता न मिलना, चन्द्रमा का दुर्बल या विकृत होना, शुक्र का बृहस्पति, चन्द्रमा और सूर्य से प्रभावित होना।

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