आप यहाँ हैं
धर्मालय > ज्योतिष विद्या

अशुभ बृहस्पति (गुरु) के उपचार एवं टोटके

अशुभ बृहस्पति (गुरु) के उपचार एवं  टोटके प्रथम भाव -  1.  पितृ ऋण के लिए निर्दिष्ट उपचार । किसी से दान या मदद(Help) स्वीकार न करें। अपने ही आप पर भरोसा रखें। द्वितीय भाव-  1. घर के सामने सड़क(Road) के गड्ढे भरना। केसर और हल्दी का तिलक लगाना। तृतीय भाव- 1. दुर्गा पूजा

बुध के अशुभ होने के उपचार एवम टोटके

बुध(Mercury) के अशुभ होने के उपचार एवम टोटके प्रथम भाव -  1. मांसाहारी न बनें। अंडे(Egg) भी न खाए। मछली(Fish) न पकडें। द्वितीय भाव – 1. फिटकरी से दांत साफ़ करें। तोता(Parrot) , भेड़-बकरी न पालें। दूध(Milk) और चावल मन्दिर में चढायें। तृतीय भाव – 1. दुर्गा पूजा करें, कन्याओं का आशीर्वाद प्राप्त

मंगल के अशुभ होने के उपचार एवं टोटके

मंगल के अशुभ होने के उपचार एवं टोटके प्रथम भाव – 1. किसी से कोई वस्तु मूल्य चुकाए बिना या दान में ग्रहण न करें । झूठ कभी न बोलें। 3.हाथ दांत की बनी हुई वस्तुएं जातक के लिए हानिकारक है। द्वितीय भाव – 1. लाल रंग का रुमाल अपने पास रखें। घर

चन्द्रमा के अशुभ होने के उपचार एवं टोटके

प्रथम भाव – (1) जब बच्चों सहित कोई नदी पार करें तो बहते पानी में ताम्बे का सिक्का(Coin) डालें। (2) माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें । उसके दिए हुए चावल(Rice) और चाँदी(Silver) अपने पास रखें। (3) पलंग के पायों में ताम्बे(Copper) की मेख लगायें। (4) आयु के चौबीसवें वर्ष नौकरानी या गाय रखें। (5)

शरीर के लक्षण से अशुभ ग्रहों की पहचान

शरीर के लक्षण से अशुभ ग्रहों की पहचान(Identification of ominous planets by the body's symptoms) सूर्य(Sun) – शरीर(Body) के अंग अकड़ जाए , हिलने-डुलने में कठिनाई हो, हर समय मुंह(Mouth) में थूक आता रहे, घर में लाल गाय या भूरी भैंस हो तो वह खो जाए। ऐसा हो तो सूर्य अशुभ

सूर्य के अशुभ होने के उपचार एवं टोटके

सूर्य के अशुभ होने के उपचार एवं टोटके प्रथम प्रभाव: - (1) सदाचारी बनें। (2) घर के अंतिम सिरे पर बायीं औ अधेरा कमरा बनवाएं। द्वितीय भाव :-  (1) पैतृक घर में एक हैण्ड पंप लगायें। (2) मुफ्त में किसी से कुछ मत लें। चावल ,चाँदी , दूध(Rice, silver, milk) आदि चन्द्रमा से सम्बन्धित

आपकी समस्या का कारण और निदान

  प्रेम सफल होगा या नहीं? विवाह कब होगा? व्यवसाय में हानि और असफलता क्यों? नौकरी कब लगेगी? प्रेमिका या प्रेमी से संयोग बनेगा या वियोग? क्या विवाह होगा? होगा तो सुखमय होगा या कष्टमय? जीवन साथी विश्वसनीय है या अविश्वसनीय ? कहीं दो के मध्य कोई तीसरा तो नहीं?

ज्योतिष फल गणना में वर्ण, वर्ग और योनि का महत्व

सामान्यतया फल गणना में ज्योतिषी एक ही विधा को पकड़ कर बैठ जाते हैं, एक मेथड की कट्टरता कई अन्य बातों से वंचित कर देती हैं, जो जानी जा सकती थी. आध्यात्मिक क्षेत्र की यह बड़ी समस्या है. जो और जितना उसके गुरु ने बताया है, उससे अधिक पर विचार

राहु – केतु का रहस्य

प्रश्न - राहु-केतु क्या है? क्या ये सच के ग्रह हैं? विज्ञान से प्रमाणित है कि इस नाम की कोई शक्ति या कोई ग्रह नहीं होते। सूर्य ग्रहण चन्द्रमा के बीच में आ जाने से होता है और चन्द्र ग्रहण पृथ्वी के बीच में आने से। फिर यह हमारे जीवन को

मंत्र परीक्षा के सूत्र और शास्त्रीय चक्र

आजकल साधना सिद्धियों में भी भेड़ियाघसान हो गया है। आजकल के गुरु ऐसे हैं कि शिष्य चरणों में हाजिर हुआ, कुछ सेवा सत्कार किया, अपनी इच्छा बताई और गुरु ने कान में मंत्र फूंका , सिर पर हाथ रखा और हो गयी मंत्र दीक्षा। ऐसे में बहुत से गुरु हथेलियों

Top