आप यहाँ हैं
धर्मालय > वैधानिक चेतावनी

मिनटों, घंटों, दिनों में कुण्डलिनी जागरण? सावधान: यह खतरनाक धोखा है

बर्दाश्त करते करते अति हो गई है. आज कल ऐसे ऐसे महान पैदा हो गए हैं जो घंटों दिनों में कुण्डलिनी जाग्रत कर रहे हैं. कुछ ऐसे अघोरी पैदा हो गए हैं,जो फोन घुमाते ही कोई भी समस्या दूर कर देतें है. इनके पैदा होने से मुझे एतराज नहीं है.

आपको ख़तरा किससे है?

संभवतः यह प्रश्न आपने कॉपीराइट सम्बन्धी वैधानिक चेतावनी पर किया है। तो खतरा हो या न हो यह मेरा वैधानिक अधिकार है। मेरी समस्त पुस्तकों पर भी यह चेतावनी होती है। मेरठ में इसी सब्जेक्ट पर ऐसा ही एक मामला फंसा था और पांच अरबपति पब्लिशर इसके चपेट में आ

वैधानिक चेतावनी

धर्मालय की स्थापना सनातनधर्म के ज्ञान-विज्ञान और तंत्र के रहस्यों के गुप्त विज्ञान पर प्रकाश डालना है; ताकि विश्व- मानवता एक अछूते लुप्त गोपनीय रहस्यमय विज्ञान के बारे में जान सके। इसका उद्देश्य आपना कोई धर्म, संप्रदाय या संगठन चलाना नहीं है। धर्मालय में दिए गये औषधियों के नुस्खे, रहस्यमय गुटिकाओं,

Top