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ध्यान योग: प्रायोगिक नियम और सूत्र

ध्यान योग: प्रायोगिक नियम और सूत्र ध्यान और ध्यान के मानसिक केंद्रीयकरण को किसी लक्ष्य से जोड़ने के लिए आवश्यक शर्तें हैं। उनको जानना ज़रूरी है। इन्हें जाने बिना सफलता नहीं मिलेगी, चाहे कितना भी परिश्रम कर लें। एक सबसे पहली बात यह है की आप हर प्रकार के पूर्वाग्रह से

ध्यान योग: भाव का महत्त्व

ध्यान योग: भाव का महत्त्व हम जब भी किसी बात को स्पष्ट करना चाहते हैं; मूर्खों की तरह शास्त्र पढने वाले अंध आस्थावादियों की अंधी आस्थाएं सामने आ जाती है। मैं बार-बार कह रहा हूँ कि आपकी आस्था है, तो अपनी आस्था को पकड़े रहिये। पर जो लोग या विश्व मानवता

ध्यान योग : योग क्रिया से पहले

ध्यान- योग(Meditation-Yoga) : योग क्रिया से पहले आध्यात्मिक(Spiritual) साधनाओं में , चाहे वे तन्त्र मार्ग के हों या किसी भी मार्ग के तीन प्रकार की साधनायें की जाती हैं। यह वर्गीकरण पूजा, अनुष्ठान, ध्यान सभी जगह है। प्राचीनतम काल से साधक , ऋषि, योगी किसी भी साधना आदि की क्रियाओं के

ध्यान योग; कैसे काम करते हैं; ऊर्जा चक्र

हमारे शरीर की ऊर्जा व्यवस्था एक जटिल संरचना है। यह इतनी जटिल है कि इसे कंप्यूटर पर एक्सपर्ट डिजाईनर के माध्यम से बनाया जाये , तो 6 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से 3 महीने लगेंगे। सक्रिय एनीमेशन में तीन आदमी 6 घंटे के हिसाब से तीन महीने। इसे समझना सबके

ध्यान योग : मुख्य ऊर्जाचक्र (परिचय और व्याख्या)

रीढ़ की हड्डी में खोपड़ी के चाँद और नाक की जड़ तक शरीर के वे मुख्य ऊर्जाचक्र व्याप्त होते हैं; जिनसे बर्नर फ्लेम की तरह भिन्न-भिन्न प्रकार की ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। इनकी सूक्ष्म ऊर्जा तरंगों के समीकरण से ही हमारे शरीर , आकृति , समुद्रिकी लक्षण , प्रवृति

ध्यान योग : हमारे ऊर्जा चक्र का विज्ञान

ध्यान योग : हमारे ऊर्जा चक्र का विज्ञान (Meditation Yoga: The Science of Our Energy Chakra) हमारे शरीर(Body) में 9 मुख्य + 99 सह ऊर्जा चक्र हैं। इन्हें जीव की एक पूरी माला कहा जाता हैं। ये आयुर्वेद के 108 मर्मस्थल हैं। इनमें से मुख्य नौ चक्र रीढ़ की हड्डी(bone) में

धर्मालय का ध्यान एवं योग

धर्मालय का ध्यान एवं योग (Dharmalay Meditation And Yoga) वैधानिक चेतावनी (Legal Warning) ध्यान और योग पर आगे कोई भी जानकारी देने से पहले मैं सभी सर्व साधारण जिज्ञासुओं और योगी, महात्मा, साधक से यह कहना चाहता हूँ कि हमारे इन विवरणों का शास्त्रीय स्तर चल रहे सम्प्रदायों और गुरुओं के ध्यान

रीढ़ का ऊर्जा बेलन

रीढ़ का ऊर्जा बेलन (Spine energy cylinder) हमारे शरीर की तमाम क्रियाओं के लिए ऊर्जा का उत्पादन हमारे रीढ़ में होता है। यह हमारा ‘कोर’ है। तमाम नक्षत्रीय पिंडो और सूर्य तारों में इस ऊर्जा का उत्पादन उसके केंद्र में स्थित एक कठोर गोले से होता है। यह कठोर गोला पृथ्वी

हमारे शरीर की ऊर्जा – व्यवस्था

हमारे शरीर की ऊर्जा – व्यवस्था (Energy System of our body) आधुनिक विज्ञान ने प्राणी जगत पर बहुत शोध किया है; पर उसकी समस्त जानकारियों का स्रोत शरीर की स्थूल भौतिक संरचना है। वह केवल स्थूल शरीर के आंतरिक स्थूल अंगों की क्रिया जानता है। इस सम्बन्ध में भी उसका ज्ञान

ध्यान योग

ध्यान योग( Meditation Yoga) वास्तव में जिसे ‘योग’ कहा जाता है, वह ध्यान योग ही है। आधुनिक युग में पूरी शताब्दी में बाबा लोग जिस ‘योग’ का प्रचार कर रहे है; वह ‘योग’ नहीं; योगासन है। ये विभिन्न बिन्दुओं का योग करते समय लगाई जाने वाली शारीरिक मुद्राएं है। इन्हें ‘योग’

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