आप यहाँ हैं
धर्मालय > धर्म का ज्ञान क्षेत्र (Page 2)

ये सर्व शक्तिमान और रोता हुआ धर्म ज्ञान

आजकल धर्म की चमचमाती नदियों में बाढ़ आई हुई है. कोई धन दिला रहा है, तो कोई प्रेमिका. पति वश में नहीं है, तो ये तुरन्त एक उपाय से उसे आपका पालतू बना देंगे. काम नहीं बन रहा, बस एक नींबू काट कर आगे पीछे फेक दीजिये, सारे काम बनने

कुंडली जागरण करना क्या है? 

प्रति दिन कई फोन आते हैं कि मैं कुडली जागरण करना चाहता हूँ. यह ऐसा ही है, जैसे एक अनपढ़ कहे कि वह पी.एच.डी. करना चाहता है. इस विषय पर धमाॆलय के साइट पर बहुत कुछ है, पर ये लोग पढ़ते नहीं. अब इतना परिश्रम कौन करे? बस गुरू जी

मूर्खों को ज्ञान नहीं होता

मूर्खों को ज्ञान नहीं होता. सनातन धर्म पृथ्वी से सम्बंधित धर्म नहीं है. यह परमात्मा से उत्पन्न नियमो का विज्ञान है. और इसके बिना इस ब्रह्माण्ड का कोई कण क्रिया शील नहीं होता, न ही उत्पन्न होता है. यह आचरण संहिता नहीं है. और पुरानो में इस सत्य को कथाओं

धर्मालय नौटंकी बाबा का आश्रम नहीं है।

कुछ लोग बार-बार नए अकाउंट क्रिएट करके लकड़बघ्घों की तरह ‘धर्मालय’ से कुछ सिद्धि-साधना झटक लेने के लिए वेश बदल-बदल कर आ जाते है। उनकी भाषा , स्टाइल, बदले नाम आदि बता देते है कि वे कौन हैं। जब उनका स्वार्थ सिद्ध नहीं होता, तो शिष्टाचार त्याग कर अमर्यादित आलोचना

घर बैठे गंगा स्नान का चमत्कारिक फल

‘तन्त्र’ में जिस गंगा का वर्णन है और जो वैदिक ऋषियों के अनुसार ब्रह्मा के कमंडल से निकली ‘गायत्री’ या ‘सावित्री’ है; वह नदी गंगा नहीं है। जिस गंगा का जल साधनाओं में मूलाधार के श्याम शिवलिंग पर डाला जाता है; वह देव गंगा है; जो ‘हरिद्वार’ (सिर के सहस्त्रार

आध्यात्मिक मार्ग से सबकुछ बदल सकता है, मगर ……..

आज के लाइफ स्टाइल में प्रत्येक व्यक्ति  परेशान है और प्रत्येक को लगता है कि उसकी समस्याएं सबसे बड़ी हैं। इन समस्याओं से परेशान होकर वह किसी ऐसे चमत्कारिक पुरुष या महिला की तलाश करता है, जो चमत्कारी देव पुरुष हो और पलक झपकते हाथ के इशारे से उसकी समस्याएं

महाकाली रति सिद्ध यंत्र में काली का कौन सा रूप समाहित है?

यह काम कला काली का एक रूप है। महाकाल की साधनाओं से सम्बन्धित है। काली मुख्य रूप से मूलाधार की देवी है और इन्हें गुह्य काली भी कहा जाता है। जो कामकला काली का ही पंथ विशेष से एक रूप है , काम कला काली के अनेक रूप है ,

प्रतिनिधि के कार्य और हमारी योजना की विस्तार में व्याख्या

 सब कुछ स्पष्ट है . इसे प्रतिनिधि अपने घर पर रहकर उसके आस पास करेगा । दूसरा यह भी स्पष्ट है कि उसे धर्मालय के बारे में लोगों तक जानकारी पहचानी होगी। और धर्मालय के धर्म सम्बन्धी क्रिया कलापों एवं निःशुल्क सेवा की जानकारी देते हुए उसके सशुल्क सेवा की

अहं ब्रह्मास्मि

सनातन धर्म का विज्ञान कहता है कि उस परमात्मा (पर ब्रह्म) ने अपने ही अस्तित्व से प्रकृति को निर्मित किया और फिर स्वयं उसमें, उसकी रग-रग में समाकर उस अस्तित्त्व की रक्षा करने लगा।तंत्राचार्यों ने कहा है कि उसने स्वयं अपने अस्तित्व से अणु (परमाणु) को उत्पन्न किया है और

किन देवी-देवताओं में टकराव होता है

  ज्योतिष के ग्रहों में मित्रता एवं शत्रुता का एक चार्ट है . यह चार्ट धर्मालय के ज्योतिष प्रभाग पर उपलब्ध है । प्रत्येक ग्रह का एक देवता होता है । वस्तुतः यह शरीर के चक्रों से सम्बन्धित विद्या है , ज्योतिष के ग्रह जो होरा में प्रयोग किये जाते है

Top