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मिनटों, घंटों, दिनों में कुण्डलिनी जागरण? सावधान: यह खतरनाक धोखा है

बर्दाश्त करते करते अति हो गई है. आज कल ऐसे ऐसे महान पैदा हो गए हैं जो घंटों दिनों में कुण्डलिनी जाग्रत कर रहे हैं. कुछ ऐसे अघोरी पैदा हो गए हैं,जो फोन घुमाते ही कोई भी समस्या दूर कर देतें है. इनके पैदा होने से मुझे एतराज नहीं है.

श्रीकृष्ण का आध्यात्मिक रहस्य

कौन हैं कृष्ण? क्या वे सच में हुए थे? श्री कृष्ण का आध्यात्मिक सत्य क्या है? श्री कृष्ण के आखिर कितने रूप हैं? क्या है राधा और कृष्ण की कथा का सच? देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनायी जा रही है; पर श्रीकृष्ण के आध्यात्मिक रहस्य को समझे बिना इसका महत्व

सफलता के सनातन नियम

नए नए गुरु पैदा हो रहे हैं. सफलता के नए नए गुर बता रहे हैं पर सनातन सूत्र में कोई उलझाव नहीं है. इसके तीन ही प्रमुख सूत्र हैं प्रबल कामना. यह केवल इच्छा नहीं है. इच्छा जब व्याकुलता बन जाती है, तभी प्रकृति फल देती है. जब एक शराबी

ये सर्व शक्तिमान और रोता हुआ धर्म ज्ञान

आजकल धर्म की चमचमाती नदियों में बाढ़ आई हुई है. कोई धन दिला रहा है, तो कोई प्रेमिका. पति वश में नहीं है, तो ये तुरन्त एक उपाय से उसे आपका पालतू बना देंगे. काम नहीं बन रहा, बस एक नींबू काट कर आगे पीछे फेक दीजिये, सारे काम बनने

कुंडली जागरण करना क्या है? 

प्रति दिन कई फोन आते हैं कि मैं कुडली जागरण करना चाहता हूँ. यह ऐसा ही है, जैसे एक अनपढ़ कहे कि वह पी.एच.डी. करना चाहता है. इस विषय पर धमाॆलय के साइट पर बहुत कुछ है, पर ये लोग पढ़ते नहीं. अब इतना परिश्रम कौन करे? बस गुरू जी

मूर्खों को ज्ञान नहीं होता

मूर्खों को ज्ञान नहीं होता. सनातन धर्म पृथ्वी से सम्बंधित धर्म नहीं है. यह परमात्मा से उत्पन्न नियमो का विज्ञान है. और इसके बिना इस ब्रह्माण्ड का कोई कण क्रिया शील नहीं होता, न ही उत्पन्न होता है. यह आचरण संहिता नहीं है. और पुरानो में इस सत्य को कथाओं

धर्मालय नौटंकी बाबा का आश्रम नहीं है।

कुछ लोग बार-बार नए अकाउंट क्रिएट करके लकड़बघ्घों की तरह ‘धर्मालय’ से कुछ सिद्धि-साधना झटक लेने के लिए वेश बदल-बदल कर आ जाते है। उनकी भाषा , स्टाइल, बदले नाम आदि बता देते है कि वे कौन हैं। जब उनका स्वार्थ सिद्ध नहीं होता, तो शिष्टाचार त्याग कर अमर्यादित आलोचना

घर बैठे गंगा स्नान का चमत्कारिक फल

‘तन्त्र’ में जिस गंगा का वर्णन है और जो वैदिक ऋषियों के अनुसार ब्रह्मा के कमंडल से निकली ‘गायत्री’ या ‘सावित्री’ है; वह नदी गंगा नहीं है। जिस गंगा का जल साधनाओं में मूलाधार के श्याम शिवलिंग पर डाला जाता है; वह देव गंगा है; जो ‘हरिद्वार’ (सिर के सहस्त्रार

आध्यात्मिक मार्ग से सबकुछ बदल सकता है, मगर ……..

आज के लाइफ स्टाइल में प्रत्येक व्यक्ति  परेशान है और प्रत्येक को लगता है कि उसकी समस्याएं सबसे बड़ी हैं। इन समस्याओं से परेशान होकर वह किसी ऐसे चमत्कारिक पुरुष या महिला की तलाश करता है, जो चमत्कारी देव पुरुष हो और पलक झपकते हाथ के इशारे से उसकी समस्याएं

महाकाली रति सिद्ध यंत्र में काली का कौन सा रूप समाहित है?

यह काम कला काली का एक रूप है। महाकाल की साधनाओं से सम्बन्धित है। काली मुख्य रूप से मूलाधार की देवी है और इन्हें गुह्य काली भी कहा जाता है। जो कामकला काली का ही पंथ विशेष से एक रूप है , काम कला काली के अनेक रूप है ,

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