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धर्मालय > धर्म का ज्ञान क्षेत्र

श्री कृष्ण का दर्शन

‘श्री कृष्ण’ का चित्रण राम से सर्वथा विपरीत रहा है, पर दोनों में एक बात समान रही है। धर्म और न्याय की स्थापना का प्रयत्न। दोनों के मार्ग एवं पद्धतियों में अंतर है , पर यह युगधर्म के अनुरूप था। महाभारतकाल में प्रपंच और दुराचार का बोलबाला था। इस काल

राम कहाँ है?

आपके हृदय में जो नाभिक (जीवात्मा) है, उसके अंदर जो ‘आत्मा’ (प्रथम परमाणु संरचना) बैठी हुई है , उसका सीधा सम्बन्ध ‘राम’से हैं। इस बात से कोई अन्तर नहीं पड़ता कि आप इसे किस नाम से पुकारते है। इस पर किसी धर्म , सम्प्रदाय , नस्ल या ग्रह आदि का

मत्स्यावतार का रहस्य

पुराणों में एक अन्य अवतार की भी कथा है। मत्स्यावतार की। जब पृथ्वी जल में समाई जा रही थी, तब विष्णु ने मत्स्यावतार का रूप धारण करके इसकी रक्षा की। किसी चुम्बक के आयताकार लम्बे डंडे की बल- रेखाओं को देखिये। यह मछली नहीं है? जानते हैं, यह मछली कैसे बनती

क्या स्वर्ग नर्क होते हैं?

मौत के बाद की भी क्या ज़िन्दगी होती है? कैसी होती है मरने के बाद की दुनिया? और कहाँ जाता है इंसान मरने के बाद? क्या स्वर्ग और नर्क सच में कोई लोक हैं. क्या मरने के बाद हम स्वर्ग या चले जाते है. मरने के बाद क्या होता है? इस प्रश्न का

क्या स्वर्ग नर्क होता है ?

क्या स्वर्ग होता है? नर्क क्या होता है? क्या ये सब सिर्फ मिथक हैं? या यह वास्तव में होते हैं? यदि हाँ! तो कहाँ होता है स्वर्ग लोग या नर्क लोक? मृत्यु के बाद क्या होता है? स्वर्ग होता कैसा है? क्या इन मिथकों में कुछ सच है? इस बात के कुछ

शिव कौन हैं ?

सदाशिव=  एक अनंत तक फैला सारतत्व है .यह सांसारिक यानि भौतिक तत्व नहीं है .यह अनंत तक व्याप्त वह सार तत्व है ;जिसमें यह ब्रह्मांड एक चक्रवात की तरह उत्पन्न होता है.जैसे चक्रवात में नया कुछ उत्पन्न नहीं होता ,उसी प्रकार इस सदाशिव की धाराएँ ही ब्रहमांड को उत्पन्न करतीं

मोक्ष क्या है ? मोक्ष का मार्ग क्या है ?[ क्रमांक २]

[गतांक से आगे ] आत्मा रुपी कण, जो एक सूक्ष्म परमाणु है, ९+९९ पावर प्वाइंट से युक्त होता हैं. इसमें केवल एक, इसका नाभिक न्यूट्रल होता है और एक शीर्ष का विन्दु. शेष सापेक्ष रूप से + एवं - वर्ग में बंटे होते हैं. जब ये ब्रहमांड के नाभिक से उत्सर्जित होते

शिव के सम्बन्ध में भ्रांतियां (रूप भेद का रहस्य)

सबसे पहली भ्रान्ति, तो यह है की शिव का कोई मूर्त रूप है और वे किसी लोक में रहते हैं. सदाशिव निराकार परमात्मा का नाम है. उस परम तत्व का, जिससे यह सृष्टि बनी है. इस सृष्टि के समस्त रूपों में वही सार है. इस प्रकृति में उसके अनंत रूप

पुनर्जन्म, आत्मा, जीवात्मा एवं प्रेतात्मा का सनातन रहस्य

इन विषयों पर हम पहले भी प्रकाश डाल चुके है. पर लगता है किसी विषय को जानने समझने के लिए लोग पूरी वेबसाइट पर उस विषय का अध्ययन नहीं करते. स्मरण रखें यह आध्यात्म है इसे टुकड़ों में नहीं समझा जा सकता. यह एक ही विज्ञान है, जो बरगद के

ब्लैक होल का रहस्य ( सनातन सूत्र डिस्कवरी )

आज ब्लैक होल एक रहस्य बना हुआ है. पर इसे सनातन सूत्र से न केवल जाना जा सकता है, अपितु प्रमाण भी प्राप्त किये जा सकते हैं. सनातन धर्म का सूत्र है कि जिस संरचना में ब्रहमांड है, उसी संरचना में ब्रहमांड की इकाइयाँ हैं. अब अगर ब्रहमांड में ब्लैक

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