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पानी पर पिरामिडों के प्रयोग

सैद्धांतिक खण्ड में हम इसका पूरा विवरण दे आये हैं कि किसी पिरामिड को शीर्ष पर पतला छेद हो और उस पर से पानी बूंदों या पतली धारा के रूप में उसके धरातल के केंद्र में स्थापित शिवलिंग पर गिरने से उस पानी के गुणों में क्या परिवर्तन होता है,

सारिणी की सहायता लें

सैद्धांतिक खण्ड में प्रत्येक रंग के पिरामिडों के गुणों का वर्णन किया गया है | औषधियों के गुणों से उनमें से मिलाईये | वह जिस पिरामिड के समान हो, उसका ही प्रयोग करें | यहां हम कुव्ह्ह घरेलू औषधियों की सारिणी दे रहे हैं | सामान्य औषधियों के घरेलू प्रयोग

अपामार्ग पर प्रयोग

अपामार्ग एक पौधा है, जो झाड़ियों के रूप में बरसात के अन्तिम दिनों दिनों उत्पन्न होता है | इसमें लम्बी-लम्बी शीर्ष डालियां बिना पत्तो की होती हैं और और उसमें कांटेदार छिलकों में बीज लगते हैं | इसे कई स्थानों पर चिडचिडा भी खा जाता है | अपामार्ग की आयुर्वेद में

तुलसी के पत्तों या पौधों पर प्रयोग

तुलसी का पौधा सनातन धर्म में बहुत महत्त्व रखता है | यह आयुर्वेद की भी एक महत्त्वपूर्ण औषधि है | पश्चिमी प्रभाव में लोग यह भूल गये हैं कि इसका चमत्कार क्या है | यदि प्रतिदिन पांच तुलसी के पत्ते और पांच कालीमिर्च को महीन पीसकर या चबाकर प्रात:काल निराहार

औषधियों का वर्गीकरण

औषधियों पर पिरामिड के चमत्कारी प्रभावों का प्रयोग करने के लिए हमें सर्वप्रथम उस औषधि की प्रकृति को ध्यान में रखकर उसका वर्गीकरण करना होगा | रात्रिबल औषधियां पृथ्वी तत्व से प्रभावित होती हैं | दिवाबली औषधियों सूर्य तत्व से प्रभावित होती हैं | चंद्रमा से प्रभावित औषधियां आकाश तत्व से प्रभावित होती

औषधियों पर पिरामिडीय प्रयोग

पिरामिड के निर्माण में जिस विज्ञान का प्रयोग किया जाता है, भारतीय आयुर्वेद की भी उत्पत्ति का आधार सूत्र वही है | यह भी ‘तत्व विज्ञान’ के ऊर्जा सूत्रों पर आधारित है | इसमें स्थूल शारीरिक लक्षणों से रोग की पहचान की जाती है, परन्तु इसका सूत्र वही है | कफज,

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