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धर्मालय > Author: admin

वशीकरण विधि

हंसपदी (मूसली) की जड़, रक्तचंदन , गोरोचन एक – एल तोला लेकर उसका अर्क खींच लें। इस अर्क को सारिवा के साथ खाने-पीने से प्रियतम सदा वश में रहता है। आकाशवल्ली के पत्ते तथा पुष्प का अर्क एक सप्ताह तक स्त्री – पुरुष एक – दूसरे को दें, तो

तांत्रिक सिद्धि – साधनाओं की प्राप्ति कैसे करें ?

तन्त्र विद्या में आधार शक्ति अपना शरीर और मानसिक शक्ति होती है। इसके अतिरिक्त इसे  सीखने वाले (स्त्री/पुरुष) की प्रबल जिज्ञासा आवश्यक  होती है । इन तीनों में से किसी का भी अभाव हुआ; तो तंत्र विद्या की कोई बात जरूरत के लायक नहीं हुई , तो सिद्धि नहीं मिलती,

मत्स्यावतार का रहस्य

पुराणों में एक अन्य अवतार की भी कथा है। मत्स्यावतार की। जब पृथ्वी जल में समाई जा रही थी, तब विष्णु ने मत्स्यावतार का रूप धारण करके इसकी रक्षा की। किसी चुम्बक के आयताकार लम्बे डंडे की बल- रेखाओं को देखिये। यह मछली नहीं है? जानते हैं, यह मछली कैसे बनती

श्री कृष्ण का दर्शन

‘श्री कृष्ण’ का चित्रण राम से सर्वथा विपरीत रहा है, पर दोनों में एक बात समान रही है। धर्म और न्याय की स्थापना का प्रयत्न। दोनों के मार्ग एवं पद्धतियों में अंतर है , पर यह युगधर्म के अनुरूप था। महाभारतकाल में प्रपंच और दुराचार का बोलबाला था। इस काल

राम कहाँ है?

आपके हृदय में जो नाभिक (जीवात्मा) है, उसके अंदर जो ‘आत्मा’ (प्रथम परमाणु संरचना) बैठी हुई है , उसका सीधा सम्बन्ध ‘राम’से हैं। इस बात से कोई अन्तर नहीं पड़ता कि आप इसे किस नाम से पुकारते है। इस पर किसी धर्म , सम्प्रदाय , नस्ल या ग्रह आदि का

लिंगवृद्धि के टोटके

लिंगवृद्धि के टोटके सुहागा , तिल, कछुवी तोराई और मेनसिल – इनको चमेली के पत्तों के रस में पीसकर लिंग पर लेप करने से लिंग बढ़ जाता है । इसका लेप सात दिन तक रोज करना चाहिए। बैंगनी पुष्प वाली कुम्भी के रस में सरसों का तेल सिद्ध करके उसमें

अशुभ केतु के उपचार एवं टोटके

अशुभ केतु के उपचार एवं टोटके प्रथम भाव – काला और सफ़ेद दुरंगा कुत्ता पालें। या ऐसे कुत्ते की देखभाल करें। गली के आखिरी मकान में न रहे। चंद्रमा के निर्दिष्ट उपचार करें। लाल रंग का रुमाल/कपड़ा जेब में रखें। द्वितीय भाव – सदाचार का निरंतर पालन करें। नौ वर्ष से कम

अशुभ राहु के उपचार एवं टोटके

अशुभ राहु के उपचार एवं टोटके प्रथम भाव – गेंहु, गुड़ और कांसा मंदिर में दान दें । चाँदी का चौकोर टुकड़ा गर्दन में बांधे। उसकी मोटाई सब जगह एक जैसी होनी चाहिए। दूध से स्नान करें। द्वितीय भाव – जेब में चाँदी की छोटी-छोटी गोलियां रखें। ललाट पर हल्दी या केसर

अशुभ शनि के उपचार एवं टोटके

अशुभ शनि के उपचार एवं टोटके प्रथम भाव – बंदरों की सेवा करें। चीनी मिला दूध बड़ कि जड़ों में डालें, उससे गीली मिट्टी से तिलक करें। झूठ न बोलें। दूसरों की वस्तुओं पर बुरी दृष्टि न डालें। द्वितीय भाव – ललाट पर दूध या दही का तिलक लगायें। सलेटी रंग की

अशुभ शुक्र के उपचार एवं टोटके

प्रथम भाव – अपने भोजन में से कुछ भाग गाय, कुत्ते या पक्षियों को दें। सास- ससुर से शुद्ध चाँदी ग्रहण करें । गौ मूत्र पीयें। जौ और सरसों दान में दें । पत्नी के सिर में सोना पहनायें। भगवान पर विश्वास रखें। द्वितीय भाव – चौपाये जानवर का व्यापार करें

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