साढ़े साती और शनि की साढ़े साती

शनि साढ़े साती
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साढ़े साती क्या है?

साढ़े साती सुन कर हर एक व्यक्ति कूद कर शनि पर पहुँच जाता है. पर यह हर ग्रह की होती है और इसका अर्थ होता है, किसी ग्रह के राशियों के गमन में लगे साधे सात साल का समय. एक गृह को एक राशि को पार करने में ढाई साल का समय लगता है. जब किसी राशि में जाने का समय आता है, तो उससे पहले राशि पर उसका आंशिक प्रभाव शुरू हो जाता है और जब वह निर्दिष्ट राशि को पार कर लेता है तो उश्के बाद की राशि में भी उसका प्रभाव आंशिक रूप से बना रहता है. किसी ग्रह के गुजरने के इन्ही तीन राशियों में लगी अवधि को साधे साती कहते हैं.

साधेशाती की चर्चा होते ही लोग शनि को ही इसलिए पहले याद करते हैं कि यह सबसे खतरनाक ग्रह माना जाता है. समझा जाता है कि यह गृह बहुत बुरा करता है. पर यह ज्योइशियों का फैलाया भ्रम है. कोई ग्रह अच्छा या बुरा नहीं होता . यह हमारे शरीर में उर्जा उत्पादन करने वाले चक्र या गाँठ होते हैं, जो हर व्यक्ति के शरीर में अलग अलग मात्रा और घनत्व में उर्जा उत्पादन करते हैं. इनके ही समिश्रण के समीकरण पर हमारा शरीर बनता है और सोच, विचार एवं कर्म चलतें हैं. इनमें एक भी न हों, तो हम जिन्दा ही नहीं रहेगे . शनि तो इतना महत्वपूर्ण है कि हमारे कमर की हड्डी से ले कर तमाम हड्डी , बाल, नख , मष्तिष्क , काम आआदी इसी पर निर्भर करतें हैं. हमारे जननेन्द्रियों की भी मुख्य शक्ति यही है . निर्णय लेने की क्षमता भी इसी पर निर्भर करती है. सच कहा जाए तो यह बेस है, जिस पर शरीर का हर अंग निर्भर करता है. मकान की नीव, जिस पर पूरा माकन बना होता है. बल्कि ढांचा यानी कंकाल भे इसी से है. शायद इसी लिए इसे सबसे खतरनाक कहा जाता है .

पर आपके जीवन को बर्बाद करने वाला इससे भी खतरनाक ग्रह और भी हैं. इनमें बुध यानी शरीर का आकार और बुद्धि , शुक्र यानी मांस , त्वचा , संचित धन , काम शक्ति का सार, पत्नी आदि . राहु यानी विचार और कल्पना , केटी यानी पैर, पूंछ , गति, प्रगति, की शक्ति . सभी गृह अनुकूल न होने पर हानि पहुंचाते हैं.

इस लिए शनि की शाधे साती से भयभीत न हो कर अपनी कुंडली में शनि की स्थिति को देखे.कलयुग अपने शीर्ष पर है. इस समय शनि का ही प्रभाव चल रहा है. भारत में 1950 के बाद जन्म लेने वालों में शनि ही किसी न किसी रूप में सार है. कुंडली में शनि उच्च है, तो इसकी साढ़े साती आपको ऊँचाइयों पर ले जायेगी . यदि शनि किसी कारण नीच हो रहा है, तो कारण का निदान करे. नीम हाकिम ज्योतिषियों के चक्कर में शनि का ही निदान न करने लगें. यह आपके भाग्य का गृह भी हो सकता है. वह मूर्ख उसे ही नष्ट करवा दे सकता है.

शनि के हर भाव यानी खाने का फल और उसके सुधार का फल देखने के लिए देखें – शनि के फल उपाय एवं टोटके

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4 Comments on “साढ़े साती और शनि की साढ़े साती”

  1. Guruji Namaskar. Meri Zingadi Me Bahut Din Sab Uthal Futal Ho rha hai. Kya Kundli Se Aap Bata Denge Kya Ki Aisa Kyu Ho rha hai? Guruji Kundali Me Grahon Ka Dosh Kya Hota Hai? Shani Dosh kya Hota Hai Guruji. Kripya Meri Madad Kariye aur Btaiye Ki Kaise Pata Chalega Ki Kundli Me Kya Kya Dosh Hai

    1. हमसे संपर्क करने के लिए धन्यवाद्। आपको हमारे द्वारा मेल भेज दिया गया है।

  2. Mai Poornima Rajasthan Se Hoon. Ek Pandit Ne Kaha Tha Mere Kundli Sadhe sati Dosh Hai. Guru ji Sadhe Sati Ka Kya Effect Hota Hai. Isse Kya Hani Hoti Hai. Sadhe Sati Ke Upay ke Liye Guruji Mujhe Kya Karna Hoga?

    1. हमसे संपर्क करने के लिए धन्यवाद्। आपको हमारे द्वारा मेल भेज दिया गया है।

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