शिवलिंग क्या है? क्या इसका कोई वैज्ञानिक महत्त्व है?

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यह ब्रह्माण्ड के पॉवर स्ट्रक्चर का स्वरुप है। भैरवी चक्र की निचली नोक धरती में दबा दें, तो शिवलिंग बन जाएगा । यह मार्ग भेद से ही दो हैं। यह ब्रह्माण्ड, हम या इसकी प्रत्येक इकाई , यहाँ तक कि हमारे शरीर का प्रत्येक ऊर्जा चक्र, हमारी कोशिकाओं का ऊर्जाचक्र – ब्रह्माण्ड के कण-कण का ऊर्जा चक्र इसी पॉवर-स्ट्रक्चर में है। इसकी आंतरिक ऊर्जा – संरचना अत्यंत जटिल होती है। मन्दिरों में इसकी बाह्य – आकृति स्थापित होती है

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