‘वे टू लाइफ बाई तन्त्र’ (Way To Life By Tantra) –

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महामृत संजीवनी विद्या

समाहित विषय

  1. तन्त्र का वास्तविक अर्थ – यह एक ऊर्जा-व्यवस्था है, जो प्रकृति और हमारे शरीर या अन्य किसी प्राकृतिक इकाई में व्याप्त है। ( इसकी सम्पूर्ण व्याख्या)
  2. शरीर का ऊर्जा चक्र और प्रकृति से उसका सम्बन्ध – हमारे शरीर में एक ऊर्जा चक्र है, जिसकी क्रिया, संरचना और उसमें ऊर्जा-गमन की एक निश्चित व्यवस्था है; जो हमारे ज्ञान में नहीं है। हम प्रकृति से किन रास्तों और प्रक्रिया से ऊर्जा प्राप्त करते हैं और वह किन-किन तकनीकियों से युक्त है? (सम्पूर्ण व्याख्या)
  3. अतिरिक्त ऊर्जा शक्तियों को प्राप्त करने की तकनीकी-सूत्र – (सम्पूर्ण रहस्य)
  4. सुख, समृद्धि और मानसिक सबलता के सामान्य की सामान्य सरल विधियां –
  • भौतिक दिनचर्या और वस्तुओं के उपयोग से शक्ति , सामर्थ्य और मानसिक सबलता ।
  • तन्त्र की सरल मुद्राओं एवं मानसिक ध्यान की तकनीकी युक्त अभ्यास की विधियाँ।
  1. चमत्कारिक शक्तियों की प्राप्त के सूत्र और अभ्यास के नियम

(इनमें एक आराध्य होता है और उसकी समस्त प्रक्रिया वर्गीकृत नियम सूत्रों से बदल जाती है। इसलिए इस वर्ग में केवल बेसिक सूत्र और प्रक्रिया ही बताई जाती है। यह उन लोगों के लिए हैं, जो आगे का रास्ता तय करना चाहते हैं।

 

विशेष – केवल क्रमांक 1 से 4 तक जानकर , हर स्त्री-पुरुष –बच्चा-वृद्ध-छात्र-व्यवसायी आदि किसी भी पेशें में लगा व्यक्ति न केवल अपनी शारीरिक – मानसिक क्षमता को सरलता से प्रतिदिन आधा घंटा देकर बढ़ा सकता है, अपितु रोग-शत्रु-बाधाओं से अपनी रक्षा भी कर सकता है।

 

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