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वास्तु विद्द्या के सूत्र और नियम

वास्तु में ज्योतिष का उपयोग होता है. इसके बिना वास्तु के सूत्रों का उपयोग मूर्खत

भूमि 

१ पीली मिट्टी – यह उन लोगों के लिए उपुक्त है, जो वृहस्पति, चद्रमा और सूर्य प्रधान हैं.

२ लाल मिट्टी – यह मंगल, सूर्य प्रधान लोगों के लिए उपुक्त है.

३ भूरी मिट्टी -यह शुक्र ,मंगल ,शनि ,बुध प्रधान के लिए उपुक्त है.

४ काली मिटटी – यह शनि, शुक्र, प्रधान के लिए उपुक्त है.

विशेष राहू-केतु के लिए, इनकी स्थिति के अनुसार विचार करना चाहिए.

दिशाओं की गणना

पूर्व – वृहस्पति, सूर्य, मंगल, बुध प्रधान के लिए शुभ.

दक्षिण – यह किसी भी ग्रह के व्यक्ति के लिए शुभ नहीं माना जाता, पर निर्णय कुंडली की गणना से करना चाहिये, क्योकि हर एक की प्रवृति के अनुसार भाग्य होता है.

उत्तर – बुध, शुक्र, शनि, केतु के लिए शुभ.

पश्चिम – शनि, वृहस्पति, शुक्र, राहू के लिए शुभ.

आग्नेय – किसी के लिए शुभ नहीं.

वायु – किसी के लिए शुभ नहीं.

नैरित्य – चंद्रमा, वृहस्पति, मंगल, शनि के लिए शुभ.

ईशान – सबके लिए शुभ.

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