वास्तु का शाश्वत विज्ञान और इसका उपयोग

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यह एक शाश्वत विज्ञानं है, जो बताता है की पदार्थ का निर्माण कैसे होता है और किसी इकाई का शाश्वत स्ट्रक्चर क्या होता है और उसकी चुम्बकीय तरगों का स्थान भेद से गुण क्या होता है. देवी देवता के रूप में वर्णित इस रहस्य को सिद्ध महात्मा भी नहीं जानते. विज्ञान के महारथी भी जिन बातों को जानने के लिय पागल हो रहें हैं वह रहस्य इसमें है की पदार्थ का निर्माण कैसे होता है.

मकानों के मामले में इसका उपयोग बहुत सीमित स्तर पर हो रहा है वह भी नीम हकीम ने इसे ऐसे परिभाषित करना शुरू कर दिया है, जैसे यह एक स्थान विज्ञान हो, जबकि इसका हर उस वस्तु से सम्बन्ध होता है, जो आपके संपर्क में है – कपडे, जूते, वाहन, फर्नीचर, घर या कार्य स्थल के व्यक्तिओं तक का.

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