लिंगवृद्धि के टोटके और लिंग वृद्धि की दवा तेल

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लिंग की दुर्बलता , लिंग का पतला होना. लिंग का छोटा होना आज की समस्या है. इससे पुरुष अपनी स्त्री को संतुष्ट नहीं कर पाता . समभग में इस विफलता का कारण दो हते हैं. एक तो लिंग की दुर्बलता या लिंग का टेढ़ा होना , दूसरे शरीर में धातु की कमी. दोनों का कारण असमय कृत्रिम तरीकों से लिंग और धातु को बर्बाद करना होता है.  पौरुष की कमी या स्तम्भन का न होना ,लिंग की दुर्बलता , सब का कारण हस्त मैथुन जैसी चीजें हैं. इसमें समलैंगिकता भी एक कारण है.

काल भैरव तेल –

यह तेल निम्न तरीके से खुद बना लें या हमसे रजिस्टर्ड पोस्ट से मंगाएं. सरकार के तकस और डाक व्यय सहित.  स्वयं बनाने के नुस्खे नीचे हैं —

विधि– काले धतूरे की जड़ , मदार की जड़ , कनेर की जड़ , अपामार्ग की जड़ ,बेल की जड़ 100 -100 ग्राम ,लहसुन 100 ग्राम , हींग शुद्ध 20 ग्राम , मुर्दाशंख 25 ग्राम —– इन सबको अच्छी तरह पीस कर , दो लीटर पानी में घोलें और एक लीटर शुद्ध सरसों का तेल मिला कर अच्छी तरह घोट कर कुछ देर छोड़ दें . फिर इसे माध्यम आंच पर गर्म करें. पानी और सभी घोल की सामग्री जल जाए , तो ठंडा करके पतले कपडे में छान लें. फिर इसे बोतल में बंद करके रख लें.

यह तेल छानने पर गदला हो, तो परवाह न करें. यह और भी अच्छा है. इसतरह 700 एम् एल तेल मिलता है. इस तेल की कुछ बूँदें गर्म करके किंग को खीच कर जड़ से आगे की और मालिस करें. एक साइड आगे की और ही. गर्म करने में मात्र के कम होने ससे कठिनाई हो, तो दो गुना सरसों तेल मिला कर गर्म कर लें. ऊपर से एरंड या  पान का  पत्ता बांधें . हर रात करे 15 दिन में लिंग मोटा और २०% बड़ा हो जाता है. मनचाहा वृद्धि नहीं होती. वे ठग होते हैं.

लिंगवृद्धि के टोटके

सुहागा , तिल, कडवी तोराई और मेनसिल – इनको चमेली के पत्तों के रस में पीसकर लिंग पर लेप करने से लिंग बढ़ जाता है । इसका लेप सात दिन तक रोज करना चाहिए। –बैंगनी पुष्प वाली कुम्भी के रस में सरसों का तेल सिद्ध करके उसमें सेहुड़े का दूध , अनार का छिलका , बड़ी कटेरी का फल , कडुआ कूट , भिलावे की लुगदी बनाकर उपरोक्त तेल में सिद्ध करें और सात रोग लिंग पर मर्दन करें, इससे लिंग बढ़ता है। –भल्लान्तक की मींगी , भैंस का गोबर , मूत्र तथा घीकुम्भी की जड़ , असगंध और नमक – इनका लेप करने से लिंग बढ़ता है।

शहद , तगर, सफ़ेद सरसों , कटेरी , चिरचिटा , पिप्पली , तिल, जौ , कूट , काली मिर्च, सेंधा नमक, तथा उडद – इनको पीसकर लेप करने से स्तन , लिंग , भुजा आदि सभी अंग बढ़ जाते हैं।–शेर की चर्बी की मालिश लिंग पर करने से उसमें अत्यंत उत्तेजना आ जाती है और वह बढ़ जाता है।–बेल के पत्तों के रस में शहद मिलाकर लिंग पर लगाने से लिंग में दृढ़ता और मजबूती आ जाती है और खूब मोटा हो जाता है।–बकरी का घी भी कामेन्द्रियों पर लगाने से लिंग बढ़ जाता है । –चमेली का असली तेल लिंग पर मलने से उसमें कड़ाई आ जाती है।

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