रुद्राक्ष – एक मुखी एवं पंच मुखी रुद्राक्ष के फायदे

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रुद्राक्ष (Elaeocarpus Ganitrus)

यह कई रोगों की दवा है .  जीवाणु रोग (Bacteria-Virus), भूत बाधा (Magical) का यह  आयुर्वेदिक रामबाण इलाज है

रोग – जीवाणु रोग (Bacteria-Virus), भूत बाधा (Magical) , बच्चों का कफ (Child Problem)

दवा – यह अमृत वनस्पति है। घर के आस-पास इसका वृक्ष हो तो सभी तरह के रोग , जीवाणु से सुरक्षा मिलती है। वहां बुरी शक्तियों का वास नहीं होता। इसकी माला – हैजा, शीतला, बोदरी, प्लेग से बचाती है, पर उसे ताम्बे के बिना पोलिश तार में इग्निसिया बीन के बीजों के साथ बनाना चाहिए। यह अत्यंत चमत्कारी (Magical) होता है।

यदि किसी नवजात शिशु (Baby) के फेफड़े (Lungs) में कफ बैठ जाए, दवा असर न करे, वह मृत्यु के नजदीक हो – तो भी इस रुद्राक्ष के दो तिन दानों को महीन पीसकर या घिसकर शहद के साथ पांच-पांच मिनट पर ऊँगली से चटाने पर कफ निकल जाता है। बच्चा बच  जाता है।

असली रुद्राक्ष को कैसे पहचाने –

रुद्राक्ष में चुम्बकीय गुण होता है. दो रुद्राक्ष को रगड़कर उसके बीच में लोहे(Iron) की आलपिन  डालने पर वह नाचने लगता है. दूध (Milk) में डालने पर दूध का रंग (Color) बदल जाता है

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