मृत्यु और नींद में अंतर

‘नींद’ में ‘आत्मा’ पॉवर सर्किट में बनी रहती है। वह केवल अपने एक बिंदु को सुप्त करती है , जो अनुभूत होता है। जबकि मृत्यु में दो स्थिति होती है –

  1. आत्मा शरीर को छोड़ देती है; क्योंकि पॉवर-सर्किट नष्ट हो जाता है।
  2. शरीर पॉवर सर्किट से अलग हो जाता है और पॉवर सर्किट सूक्ष्म होने के कारण अनुभूति से परे हो जाता है।

नींद में शरीर क्रियाशील रहता है, केवल चेतना शून्य बनी रहती है , जबकि ‘मृत्यु’ में सभी बिंदु मृत हो जाती है, शरीर जड़ हो जाता है ।

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