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मनोकामना पूर्ती अनुष्ठान

पीपल अनुष्ठान

किसी पीपल के दो साल के लगभग के पेड़ के चारों ओर से कोड़ करके वहां की मिट्टी हल्की कर दें।  दायरा सात हाथ की त्रिज्या में लें।  इसके चारों ओर ऊँची मेढ बना लें; ताकि जल बह न जाए।

सोमवार के प्रातःकाल इसमें मंत्र पढ़ते हुए बड़े-से घड़े पानी डालें।  पेड़ को प्रणाम करके घर लौट जाए।  ऐसा सात दिन तक करें।  आठवें दिन सोमवार को ढाई हाथ भूमि को नापकर उत्तर की ओर मुख करके आसन लगाने के लिए दक्षिण की तरफ भूमि को गाय के गोबर से लीप लें।  जड़ में पानी इस दिन भी दें पर इतना कि आसन भूमि न डूबे।  इसके लिए इसे ऊंचा कर लें।

प्रतिदिन रात्रि में इस वृक्ष के पास बैठकर इसकी पूजा – अर्चना करके धूपदीप दिखाएं और पूर्ण एकाग्र होकर अग्रलिखित मंत्र का जाप करें।

मन्त्र- ॐ नमः पिपलः देवदूत: ……वशम कुरु-कुरु स्वाहा ।

यह जाप 21 रात्रि तक करें।  प्रत्येक रात 1188 मन्त्र का जाप करें और प्रातःकाल उसमें पानी दें।

 

 

 

मनोकामना पूर्ती अनुष्ठान

नीम अनुष्ठान 

एक पके हुए नीम की बीज लेकर उसे राख में रगडें।  फिर उसे प्रातःकालीन धूप में सुखाएं।  इसका अर्थ यह है कि उसे ऐसी जगह रखें जहाँ प्रातःकाल की धूप लगभग दस बजे तक मिले।  जब वह नीम का बीज सुख जाये।  इस नीम के बीज को झाड़ पोंछ कर प्रतिदिन रात में सोते समय मुंह में रख लें।  सुबह इसे बिना धोये अपने सिरहाने में रख लें।  ऐसा 21 रातों तक करें।  इसके बाद जब नीम को किसी शुभ स्थान (स्वच्छ एवं पवित्र) में बोकर वहाँ प्रतिदिन 21 मंत्र का जाप करके प्रातः सायं पानी दें।

मंत्र- ॐ नमः नीम वृक्ष देवदूतः मम कामना पूर्ती कुरु-कुरु  स्वाहा ।

जब उस नीम का पौधा जन्म लें, तो उसको घेर दें और उसकी उचित देख रेख करें।  यह पौधा बेहद काम का होगा।  एक वर्ष के बाद इसकी जड़ में बैठकर  इसे धूप दीप दिखाकर आप जिस कामना से मंत्र जाप करेंगे।  वह पूर्ण होगी।  मंत्र और अनुष्ठान विधि कामना के अनुसार चुनना होगा।  इससे वशीकरण आदि अभिचार कर्म भी सिद्ध होंगे।

 

 

बरगद अनुष्ठान

बरगद के वृक्ष में जितनी मजबूत ऋणात्मक शक्ति होती है, उतनी ही शक्तिशाली इसकी धनात्मक तरंगे होती हैं, परन्तु इससे निकलने वाली तरंगे अधिक स्थूल और शक्तिशाली होती हैं।  जिस प्रकार काली की शक्ति अत्यधिक शक्तिशाली होती है, उसी प्रकार बरगद में पृथ्वी तत्व यानी काली के एक रूप की तरंगे अत्यधिक शक्तिशाली होती हैं।

इस वृक्ष में इतनी शक्ति होती है कि इसके नीचे अनुष्ठान करके मंत्र जाप करने से या सात मन्त्रों से अभिमंत्रित करके लगभग 10 ग्राम दूध मिसरी या बताशे के साथ खाने से पुरुषों की नपुंसकता एवं पौरुष दौर्बल्य एवं स्त्रियों का बन्ध्यापन दूर होती है।   बरगद के वृक्ष की पूजा अर्चना करके निचे मंत्र जाप करने से कुंवारियों को मनचाहा पति, स्त्रियों को मनचाही सन्तान एवं पुरुषों को मनचाहा नारियां प्राप्त होती है।

तांत्रिक अनुष्ठान – किसी बड़े बरगद के वृक्ष की जड़ में प्रतिदिन अपने स्नान किये जल को एकत्रित करके 21 मन्त्र काजाप करते हुए डालें ।  ऐसा 21 दिन करें।

इसके बाद बरगद की जड़ में थोडा –सा  स्थान साफ करके उसे जल में अभिमंत्रित करके लीप दें।  इस स्थान पर अर्द्धरात्रि में निम्नलिखित यंत्र बनाकर उसके ॐ के स्थान पर एक सरसों तेल का दीपक जलायें और धूप दिखाकर 1188 मन्त्र का जाप प्रतिदिन करें।  यह जाप नग्न होकर किया जाता है।  21 रातों में मंत्र सिद्ध हो जाता है ।  इसके बाद –

इस वृक्ष के नीचे प्रत्येक मनोकामना 108 मन्त्र जपने से पूर्ण होगी।

मन्त्र- ॐ नमः वट वृक्ष देवदूत: मम कामना पूर्ती कुरु-कुरु स्वाहा ।

 

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2 thoughts on “मनोकामना पूर्ती अनुष्ठान

  1. हम आपके धार्मिक प्रतिनिधि बनना चाहते हैं। इसके लिए क्या करना है। प्लीज बताए।

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