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भैरव बाबा की साधना कैसे करें

भैरव बाबा की पूजा, अर्चना या भोग लगाने के लिए शमशान में जाने की जरूरत नहीं है. तंत्र का शमशान मानसिक शमशान होता है. इसका अर्थ है, कि आप मानसिक रूप से समस्त भौतिकता से मन को हटा कर कल्पना में अपने को शमशान में उपस्थित मानकर पूजा, अर्चना, जप होम इत्यादि करें.

इसके लिए आप भैरव बाबा की मूर्ती, चित्र, या काले पत्थर के तिकोने स्वरूपों को शिवलिंग की तरह कांसे की थाली में स्थापित करके सिन्दूर अदि से पूरित कर पूजा कर सकते हैं. क्योंकि इस प्रकार की पूजा अर्चना या भोग, एक दिन में फलित नहीं होता. आपको महाकाल रात्रि में (9 से 1 के बीच) इस पूजा को एक बार करके प्रतिदिन जप करना होगा और भोग अर्पित करना होगा.

यह आप घर में स्थापित कर सकते हैं, जहाँ एकांत हो. बाहर निर्जन या शमशान में भी. इसमें सारे वस्त्र फूल अदि लाल होते हैं या काले. काले वस्त्र अदि तांत्रिक साधना में प्रयोग किये जाते हैं. विशेषकर अविचार कर्मों में. मनोकामना पूर्ती के लिए, लाल रंग ही उपयुक्त है. मनोकामना पूर्ती के लिए और उच्च साधनों के लिए पश्चिम मुखी आसन लगाया जाता है. क्रूर कर्मों के लिए दक्षिण मुखी आसन लगाया जाता है. 

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