भूत -प्रेत प्रकोप से सुरक्षा. क्या भूत होते हैं ?

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भूत -प्रेत प्रकोप की घटनायें सारे विश्व में घटती हैं .बहुत बडे पैमाने पर घटतीं हैं . विज्ञान की एक ही रट है यह अनभूतियों का भ्रम है? जबकि वे जानते हैं कि अनुभूतियों की सत्यता का कोई मानक अब तक निधाॆरित नहींं हैं. इसे जानकारियों के आधार पर सत्य या असत्य माना जाता है, और सच्चे वैग्यानिक अपने को सवॆग्याता नहीं मानते. यह मनेवैग्यानिकों एवं चिकित्सकों के विशवव्यापी धन्धे का प्रशन है और अन्तराष्ट्रीय दवा कम्पनियों भी इनके पीछे होतीं हैं .

बाँस, बच, मनुष्य के बाल, बायविडंग, गिलोय, पीली सरसों, राईं, गाय-भैंस-कुत्ता-बिल्ली-गधा आदि में जो मिल सके, मदार, धतूरा, कनेर , अपामागॆ – इन सबको मिला कर हवन करने से 100मी. के दायरे में भूत नहीं आते.

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