भविष्यवाणी महाकाल ज्योतिष विक्रम संवत २०७६(सन २०१९)

चैत्र मास से नया संवत शुरू हो रहा है . ईसवी सन के अनुसार , यह २०१९ से २०२० तक रहेगा . भारत सहित भारतीय उप-महाद्वीप इस वर्ष शनि +मंगल और शनि +बुध के प्रभाव में रहेगा . इस दशा में दोनों नीच होंगे और हर क्षेत्र में भारी तहलका मचाएगे .

शिक्षा का स्तर गिरेगा और यहाँ कुटिल छल , चोरी, हेराफेरी,का साम्राज्य व्याप्त होगा . इसमें शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत सभी प्रकार के माफिया संगठनों , कुटिल चालोंवाले शिक्षा संगठनों को लाभ होगा . वास्तविक योग्य छात्र छात्राओं को अपनी योग्यता को साबित करने के लिए अनेक कठनाइयों का सामना करना पड़ेगा . इनमें आत्महत्या के मामले बढ़ेंगे ,

तमाम प्रकार की मिडिया , बौद्धिक विचारों, आम सोच निचले स्तर की होगी . हर व्यक्ति हर वर्ग जो भी व्यक्त करेगा; वह सत्य और न्याय की तुला पर नहीं, व्यक्तिगत लाभ के मापदंड पर होगा . बुद्धिजीवी पूरे देश को द्विग्भ्रमित करेंगे . सभी प्रकार के क्षेत्र में नीच शनि व्याप्त होगा . इससे व्यवसायी वर्ग बड़ी बड़ी हेराफेरी करेगा और सूर्य , जो राजसत्ता है, उसके प्रभाव में होगा .

इससे मर्यादाहीनता, असभ्यता , अराजकता , और हिंसा का बोलबाला होगा . सरकार एक ओपचारिक संस्था की तरह मूक दर्शक बनी रहेगी . राजनीति भी यहाँ भी इसके प्रभाव में होगी. मर्यादाहीनता असभ्यता, असभ्य वाणी , एक दूसरे पर दोषारोपण का बोलबाला होगा .पुलिस नामक संस्था विकृत हो जायेगी . संसद और विधानमंडल में भी मारपीट हो सकती है. ऐसा न भी हुआ , तो भी यहाँ अराजकता और अमर्यादा का बोलबाला होगा .

इसका प्रभाव शुक्र को भी नीच करेगा. सूर्य की गर्मी आग उगलेगी . वारिश अनियमित होगी . इससे बरसाती फसल मारी जायेगी . जाड़े की फसल अच्छी होगी, पर किसान को उसका फल नहीं मिलेगा . फसल बर्बाद होगी . पेड़ पौधे भारी मात्रा में काटे जायेंगे . कृत्रिम पार्को का निर्माण होगा . स्त्रियों की दशा भी भय से भरी होगी . पारिवारिक हिंसा, बलात्कार आदि का शिकार होना पड़ेगा .घर चलाना मुश्किल होगा. पारिवारिक कलह भी होंगे. वर्तमान सरकार की योजनाओं पर भी ग्रहण होगा .रियल स्टेट के धंधे में फायदा होगा , पर उपभोक्ता कटेगा. भारी मात्रा में टैक्स चोरी होगी. सरकार के सभी उपाय फेल कर जायेंगे.

टीवी सिनेमा कूड़ा परोसेंगे , साहित्य चौपट होगा . ले दे कर यह साल बहुत कठिनाइयों भरा होगा . केंद्र में सरकार कमजोर होगी. कट्टरपन बढेगा . क्रूर हिंसात्मक घटनाएं बढ़ेंगीं . पाकिस्तान से युद्ध हो सकता है.

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