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बिजली के उत्पादन के प्रयोग में मैं आपका साथ देना चाहता हूँ?

शायद आपने मेरा पोस्ट ठीक से नहीं पढ़ा है , आप मेरा साथ देना चाहते है , बहुत से लोगों का सहयोग देने की बात सामने आई है । परन्तु सबसे बड़ी समस्या जो है वह यह है कि इस प्रयोग को करने के लिए एक जगह जहाँ खराद मशीन coil बनाने वाले, और कुछ तकनीकी सहूलियत मौजूद हो।हमारा headquarter जहाँ पर है वहाँ सारी चीजे उपलब्ध है , coil बनाने वाला भी वहां मिल जाएगा। क्योंकि बहुत पुराने ट्रांजिस्टर युग के जानकार यहाँ उपलब्ध है। लेकिन समस्या दो की है एक तो इसमें लगने वाला धन, जिसकी आवृत्ति प्रारंभ में ही 2 लाख के लगभग आती है।दुसरा ऐसे सॉफ्टवेर की तलाश जो सूक्ष्म तरंगों को कैच करके उसकी रेडिंग दिखला सके। क्योंकि सनातन धर्म में जो सूत्र है ।

वह यह है कि अतिसूक्ष्म स्तर पर ऊर्जा की प्राप्ति होती है।और वह एक कई लेयर में बने हुए सर्किट से होकर गुजरता है।और आगे स्थूल एनर्जी के रूप में व्यक्त होता है।यही प्रक्रिया तमाम जीव-जन्तु पौधों में चल रही है;जो प्रत्यक्ष है। जो जानकारी अब तक विज्ञान को नहीं है।वह यह है कि पृथ्वी जैसे ग्रह, सूर्य, तारे, और स्वयं ब्रह्माण्ड में भी एनर्जी केंद्र में उत्पन्न होती है।और अत्यंत सूक्ष्म होती है।जो बाहरी लेयर पर विशाल ऊर्जा पुंज के रूप में प्रकट होती है। ये सूत्र आधुनिक वैज्ञानिक सूत्रों से अलग है । मुझे विश्वास है कि ऐसे सॉफ्टवेर भी मिल जायेंगे,परन्तु उन्हें खरीदना पड़ेगा।और मूल्य का मुझे ज्ञान नहीं। क्योंकि इधर मैंने कोई प्रत्यन किया ही नहीं। प्रारंभ में थोड़े से प्रयोग किये थे, जिसमें वोट मीटर की सुई हिली तो थी , लेकिन यह प्रयोग आर्थिक कारणों से आगे नहीं बढ़ सका। सरकारी व्यवस्था पूरी तरह फ्रॉड है , वह किसी वास्तविक आदमी को रिसर्च के लिए कोई धन उपलब्ध नहीं कराती।और मैं अपनी भौतिक आवश्यकताओं को ही सही ढंग से पूरा नहीं कर पा रहा हूँ। कारण मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि लोग हवा में सेब उत्पन्न करने वाले को महत्त्व देते है , सच बोलने वाले को नहीं

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