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रोगों का आयुर्वेदिक इलाज

बिमारियों का देसी इलाज

यदि आपको अपने रोग या समस्याओं का स्वयं निदान हमारी वेबसाइट पर नहीं मिल रहा है, तो 100% सम्पूर्ण निदान के लिए हमसे सम्पर्क करे। हमारे यहाँ प्रत्येक व्यक्ति की समस्या के लिए पूछताछ करके अलग-अलग दवाएं बनवाई जाती है। हम केवल दवा नहीं भेजते हैं। हम समझते है कि वह व्यक्ति हमारे ट्रीटमेंट में है।

गोपनीयता का पूरी तरह पालन किया जाता है। हमारा ईमेल info@dharmalay.com या  pksalakh@gmail.com प्रयोग करें

  1. वात का दर्द – वायु के प्रकोप से शरीर में दर्द, नसों में दर्द, जगह बदलने वाला दर्द, लहर की तरह चलने वाला दर्द, ऐसा दर्द मानों कोई शूल गड़ा रहा हो, कुचलने और चोट लगने जैसा दर्द , कमर दर्द, गठिया, संधियों का दर्द, पेट में वायु , ह्रदय में वायु, डकार , बदहजमी, कब्ज, अतिसार , मंदग्नि आदि वायु प्रकोप से होने वाले किसी उपद्रव के लिए।
  2. दम्मा या श्वाँस कष्ट – दम्मा, श्वाँस में अवरोध, सांस लेने में कठिनाई , साँस छोड़ने में कठिनाई, जकड़ा हुआ कफ, सूखी खांसी, हूपिंग खांसी आदि।
  3. बवासीर – बवासीर के किसी भी रूप के लिए।
  4. लीवर – लीवर में विकार, उसका बढ़ना , सूजन, अन्य दोष।
  5. सायिटिका – स्नायु दुर्बलता , स्नायविक दर्द, साइटिका आदि।
  6. मधुमेह (डायबिटीज) – मधुमेह, शुक्र मह, बहुमूत्र, मूत्र में कमी, मूत्र में जलन या दर्द, स्वप्नदोष, मूत्र में गर्मी आदि।
  7. ऋतुमासिक में विकार – समय से अफ्ले या समय से देर से मासिक होना, कम मासिक, अधिक मासिक, मासिक के समय कष्ट और दुर्बलता, कटे-फटे मांस के जैसा मासिक, योनि में जलन-खुजली-दाने, योनि विकार कोई भी, गर्भाशय के विकार, लिकोरिया, खुनी लिकोरिया, इसके साथ करमदर्द, शरीर में दर्द, हड्डीयों में दर्द, रक्ताल्पता , कमजोरी, सर चकराना, नींद में कमी , नींद में डर, बुरे सपने आदि इनमें से किसी एक या अधिक के लिए।
  8. पुरुष सेक्स रोग – लिंग दुर्बलता, शीघ्रपतन ,लिंग का टेढ़ापन , लिंग छोटा होना, लिंग का न उठाना, लिंग में तनाव न होना, वीर्य का पतला होना, पतन के समय किसी कष्ट – इनमें से किसी एक या अधिक के लिए
  9. सन्तान में अवरोध – सब सही है, पर सन्तान नहीं होती।
  10. स्त्री मानसिक रोग – मानसिक तनाव, क्षुब्धता , आक्रामक क्रोध, हिस्टीरिया , अनजाने दौरे, भूत-प्रेत प्रकोप नोट- इसकी जानकारी –सलाह हो सकती है । चिकित्सा प्रत्यक्ष ही हो पाएगी ।

विशेष – सभी रोगों की पूर्ण चिकित्सा में 3500 रु से 4600 रु तक व्यय होते है । क्रमांक 10 की सलाह निःशुल्क है; परन्तु चिकित्सा में अधिक व्यय होता है । यह ठीक होने तक चलती है और इसमें 3 दिन से 9 दिन लगते है । रहने-खाने-आने-जाने का व्यय भी वहन करना होता है । हमारा कोई आश्रम नहीं है । रोगी को या उसके अभिवाक को स्वयं इसका व्यय करना होता है । हम केवल व्यवस्था करवा सकते है ।

Email- info@dharmalay.com

सम्पर्क करें: विशान्त पटेल (धर्मालय सचिव) 8090147878

 

4 thoughts on “रोगों का आयुर्वेदिक इलाज

    1. ऐसी कोई साधना क्या ? कोई भी साधना गोपनीय होती है बहुत परिश्रम से सिद्ध होती है. यदि सिद्ध भी हो जय तो अज्ञानी की विद्या उसे ही ले डूबती है.

  1. Sir . Meri kamar par yani peeth par kuch ghaav numa funshi ho jati hai kuch time ke baad yani har 8 mahiney ke baad ek time aisha bhi aa jata hai ki poori peeth par ,khoon wali funshi ho jati hai kripya karkey koi saral ilaaz bataye , kirpa hogi aapki, aapse mai baat karna chahta hu

    1. यह विषाक्त रोग है , तिन महीने तक दवा खानी होगी , तांत्रिक विधि से सिद्ध अर्क अन्य किसी चिकित्सा पद्धति में इसका कोई इलाज नहीं है| ये रक्त के प्रदूषित होने के कारण जब मज्जा में दोष होता है, तो होता है|इसके कई प्रकार होते है उसके अनुरूप इसकी दवा बनवाई जाती है|

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