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नवशक्ति का रहस्य

यह पाँच बिन्दुओंवाला परमाणु लगातार विकास करता है। यह विकास ‘0’ को खींचकर करता है। इसकी धूरी पर सभी के बिच में एक-एक यानी चार ऊर्जा बिंदु और उत्पन्न हो जाता है। अब इन नौ बिन्दुओं से नौ प्रकार की ऊर्जा तरंगों का उत्सर्जन होने लगता है।

यही सनातन धर्म के नौ प्रमुख देवता का स्थान। इसी स्थान में देवी मार्गवाले नौ प्रमुख देवियों का वास मानते है। इन्हें ही नौ ग्रह (गाँठ) कहा जाता है। ये ऊर्जाबिंदु ही नौ निधि कहे जाते है। इन्ही को साधने की क्रिया अष्टसिद्धि कहलाती है।

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