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चन्द्रमा के अशुभ होने के उपचार एवं टोटके

प्रथम भाव – (1) जब बच्चों सहित कोई नदी पार करें तो बहते पानी में ताम्बे का सिक्का(Coin) डालें।

(2) माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें । उसके दिए हुए चावल(Rice) और चाँदी(Silver) अपने पास रखें।

(3) पलंग के पायों में ताम्बे(Copper) की मेख लगायें।

(4) आयु के चौबीसवें वर्ष नौकरानी या गाय रखें।

(5) 28 वर्ष की आयु से पहले विवाह न करें।

(6) 24 वर्ष की आयु से पहले गृह-निर्माण न करें।

(7) चाँदी के पात्र में दूध या पानी पीयें।

द्वितीय भाव –  (1) घर के नीव में चाँदी की ईंट रखें।

(2) माँ का आशीर्वाद लें और उसके दिए हुए चावल तथा चाँदी सदा अपने पास रखें।

तृतीय भाव – (1) चावल चाँदी और दूध बेटी के जन्मदिन पर दान करें। बेटे के जन्म दिन पर गेंहू ताम्बा और गुड़ दान करें।

(2) दुर्गा पूजा ।

(3) कन्या दान ।

चतुर्थ भाव – (1) दूध या दूध से निर्मित वस्तुओं का व्यापार करें।

(2) माता की साझेदारी में या उसकी सलाह से कपड़े का व्यापार करें।

पंचम भाव – (1) धार्मिक अनुष्ठान करें।

(2) पर्वतीय स्थानों की यात्रा करें।

षष्ठ भाव – (1) अपने रहस्य किसी को न बताएं।

(2) खरगोश पालें।

(3) पानी भरने के सार्वजनिक स्थान की व्यवस्था करें।

सप्तम भाव – (1) सदाचार का पालन करते रहें।

(2) 24 वें या 25 वें वर्ष से पहले विवाह न करें।

 

अष्टम भाव – (1) स्वर्गवासी पूर्वजों के नाम पर दान करें।

(2) अस्पताल में या श्मशान घाट में हैण्ड – पंप लगवाएं।

(3) रवि-गुरु कुल की वस्तुएं मन्दिरों या धार्मिक स्थानों पर दान दें।

नवम भाव – (1) पूजालयों में जाते रहें।

(2) अच्छा आचरण करते रहें।

दशम भाव – (1) यदि आप डॉक्टर हैं तो रोगियों को मुफ्त दवाई दें।

(2) सदाचार के नियमों का पालन करते रहें।

(3) रात्रि के समय दूध पीयें।

एकादश भाव – (1) जातक की माँ , जातक के पुत्र को 43 दिन का होने तक n देखें।

(2) भैरों के मन्दिर में दूध चढ़ाएं।

द्वादश भाव – (1) चार चाँदी की डली वर्षा – जल में डालकर अपने घर की छत के नीचे रखें।

 

सामान्य उपचार सब भावों के लिए

  1. सोमवार को उपवास रखें
  2. शिव की पूजा करें या अमरनाथ की यात्रा के लिए जाएँ।
  3. दूध, चावल और चाँदी का दान दें।
  4. सफ़ेद दूधिया मोती पहनें या चाँदी धारण करें ।
  5. माँ , दादी और सास के आशीर्वाद प्राप्त करें।
  6. पलंग के पायों में चाँदी की मेख लगायें।
  7. शमशान घात पर चाँदी या चावल डालें।
  8. गंगा जी में या कहीं बहते पानी में स्नान करें ।
  9. पानी की टंकी 5-6 महीने में एक बार साफ करें।
  10. छत के नीचे कुआ या हैण्ड पंप नहीं होना चाहिए।
  11. यदि चन्द्रमा अपनी नीच राशी में हो तो चन्द्रमा से सम्बन्धित वस्तुएं दान में दें। यदि उच्च का हो तो न दें।

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