आप यहाँ हैं
धर्मालय > किसको इष्ट बनायें ? > ग्रहों के देवी-देवता, वर्ण एवं इष्ट

ग्रहों के देवी-देवता, वर्ण एवं इष्ट

ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह स्वामी देवता हैं | वास्तव में, ज्योतिष के ग्रह औघड़नाथ तंत्र के ऊर्जा चक्र ही हैं | इनके नाम पर सौर्यमण्डल के सूर्य एवं ग्रहों का नामकरण करने से ऐसा भ्रम उत्पन्न हो गया है कि ये सौर्यमण्डल ग्रहों के नाम हैं |

इन ग्रहों के गुणों के अनुसार इनका नामकरण किया गया है; क्योंकि इनकी तरंगो का प्रभाव हमारे शरीर के ग्रहों पर पड़ता है, जो सौर्यमण्डलीय भ्रमणचक्र और पृथ्वी के अक्ष एवं घूर्णन गति से बदलता रहता है |

1 ग्रह देवता रंग इष्ट देव
2

सूर्य

विष्णु

पीत नारंगी

सीता/महामाया, आद्यागौरी , राधा

3 चन्द्र

शिव

चांदनी

भैरवजी
4

मंगल

हनुमान

सिंदूरी लाल

शिवजी
5

बुध

दुर्गा

सिंदूरी/हरा

गणेशजी
6

बृहस्पति

गणेशजी

पिला

तप (गणेशजी), ध्यान , एकाग्रता

7

शुक्र-1

लक्ष्मी

नारंगी

दुर्गाजी

8

शुक्र-2

काली

रक्तिम

दुर्गाजी

9

शनि

भैरवजी

काला/नीला

शिवजी

10

राहु

राहुदेव

भूरा मटमैला

शिव का चन्द्रमा , गंगा

11

केतु

केतु काला सफेद  गणेशजी

 

4 thoughts on “ग्रहों के देवी-देवता, वर्ण एवं इष्ट

  1. मेरा नाम संजय कुमार सिंह है।
    जन्मतिथि:- 31 -07-1978 है।
    समय:-15:10:/15
    राशि -सूर्य
    मुझे,सिया राम के संग हनुमान जी का ध्यान करना अच्छा लगता है
    और मै सिद्धियों की तीव्र कामना भी रखता हूँ।
    मैंने पंचपरमेश्वर कि पूजा से शुरुवात की थी।
    और साहस न होते हुए भी माँ दुर्गा के नवरात्र के नौ दिन व्रत की तीव्र इच्छा रखते हुए माँ के भरोसे से ही अब तलक लगातार पांचवी बार साल के दोनों (चैत्र एवं कुआर माह ) नवरात्र संपूर्ण की है।मै सिद्धि प्राप्त करते हुए सिया राम हनुमान जी के माहात्म्य का बखान करते रहने की तीव्र इच्छा रखता हूँ मेरा दिल भी कहता है की मै सही दिशा में जा रहा हूँ पर फिर भी कुछ संसय बना रहता है।आज के तारीख में योग्य गुरु का मिलना हम जैसे गृहस्थ लोगो के लिए कठिन सा लगता है क्यूंकि क़ीमत ही कुछ अलग होती है।
    कृपया उचित मार्गदर्शन करे।
    ।।धन्यवाद।।

    1. समय का आभाव होता है व्यक्तिगत सेवा नहीं कर सकता , पर मैनें धर्न्मालय पर सभी गुप्त बातें दल रखीं हैं और डालता जा रहा हूँ. हमारी वेब साईट का गंभीरता से अध्ययन करें.

  2. Mera janmtithi 15/10/1996 Hai our jansamay din me 11.15 minute par hai mai maa durga ki pujja karta hu sardiy navratr ka vrat bhi karta hu aapke anusar mujhe kiski puja karni chahiye kripya mera margdarshan kare

Leave a Reply

Top